हल्द्वानी में भू-कानून उल्लंघन पर डीएम का बड़ा एक्शन: 304 नाली जमीन राज्य सरकार में निहित
हल्द्वानी में भू-कानून उल्लंघन पर डीएम का बड़ा एक्शन: 304 नाली जमीन राज्य सरकार में निहित
हल्द्वानी/नैनीताल: नैनीताल जिले में भू-कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने नियमों की धज्जियां उड़ाकर खरीदी गई 14 अलग-अलग मामलों की कुल 6.088 हेक्टेयर (लगभग 304 नाली) बेशकीमती जमीन को राज्य सरकार में निहित (जब्त) करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जब्त की गई इस जमीन की बाजार दर करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
जिलाधिकारी द्वारा कराई गई विस्तृत जांच में भू-कानून और भूमि आवंटन की शर्तों के गंभीर उल्लंघन पाए गए। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि:
बागवानी का झांसा: जिस उद्देश्य से बागवानी (ऑर्चर्ड) के लिए जमीनें खरीदी गई थीं, वहां धरातल पर बागवानी का कोई काम नहीं हो रहा था।
हदबंदी का उल्लंघन: नियमों को दरकिनार कर एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम पर निर्धारित सीमा से अधिक भूमि खरीदी गई थी।
व्यावसायिक दुरुपयोग: कृषि कार्य के नाम पर ली गई भूमि पर अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
मामलों की पुष्टि होने पर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी 14 मामलों में भूमि को सरकार के खाते में दर्ज करने का फैसला सुनाया।
“नैनीताल जिले में भू-कानून का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम-शर्तों का उल्लंघन कर खरीदी गई या दुरुपयोग की जा रही जमीनों की लगातार जांच जारी है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसकी जमीन इसी तरह राज्य सरकार में निहित की जाएगी।” — ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी (नैनीताल)
प्रशासन की इस सर्जिकल स्ट्राइक से जिले भर में भू-माफियाओं और नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदने वालों में हड़कंप मच गया है। सूत्र बता रहे हैं कि प्रशासन ऐसे कई अन्य मामलों की भी फाइलें खंगाल रहा है, जिन पर जल्द ही अगली गाज गिर सकती है।