भाकृअनुप-विवेकनन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में 53वाँ कृषि विज्ञान मेला आयोजित; ‘सशक्त महिला कृषक’ थीम पर दिया गया बल

 

भाकृअनुप-विवेकनन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में 53वाँ कृषि विज्ञान मेला आयोजित; ‘सशक्त महिला कृषक’ थीम पर दिया गया बल

 

 

 

 

अल्मोड़ा। भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (VPKAS), अल्मोड़ा के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र हवालबाग में 53वें कृषि विज्ञान मेले का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष के मेले का मुख्य विषय ‘सशक्त और सुपोषित महिला कृषक : विकसित कृषि का आधार’ रखा गया।

 

 

 

 

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि डॉ. संजय कुमार (अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, नई दिल्ली) द्वारा दीप प्रज्वलन और ‘वंदे मातरम’ के साथ किया गया। इस अवसर पर डॉ. ए. के. शर्मा (पूर्व निदेशक, NBAIM), डॉ. सी. तिवारी (अध्यक्ष, KVK मटेला), डॉ. नरेन्द्र कुमार (संयुक्त निदेशक, उद्यान विभाग) एवं श्री आनन्द गोस्वामी (मुख्य कृषि अधिकारी, अल्मोड़ा) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

 

 

 

 

204 उन्नत प्रजातियों और पोषण सुरक्षा पर चर्चा

संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की उपलब्धियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि संस्थान अब तक 204 उन्नत प्रजातियां विकसित कर चुका है। पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में जैव सुदृढ़ीकृत मक्का की किस्मों (वी.एल. त्रिपोषी, वी.एल. सुपोषिता, वी.एल. वीटा) तथा वी.एल. सब्जी मटर 13 की सफलता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। उन्होंने श्री अन्न (मिलेट्स) की खेती, वर्षा जल संरक्षण तकनीकों, उर्वरक खपत कम करने वाले बैक्टीरिया और फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चेन लिंक व सोलर फेंसिंग के प्रयोग पर भी प्रकाश डाला।

यह भी पढ़ें 👉  शारदीय नवरात्रि: अल्मोड़ा के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, गूंजे मां के जयकारे अल्मोड़ा: देवभूमि उत्तराखंड में शक्ति की उपासना के महापर्व शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है। पर्व के पहले दिन से ही अल्मोड़ा के ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। सुबह से ही नगर के प्रसिद्ध नंदा देवी मंदिर समेत विभिन्न देवीलयों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है, जिससे पूरा क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। ऐतिहासिक नंदा देवी मंदिर में उमड़े भक्त उत्तराखंड की लोक आराध्य और कुमाऊँ-गढ़वाल की मुख्य संरक्षक देवी मां नंदा-सुनंदा के दर्शन के लिए अल्मोड़ा शहर के साथ-साथ दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्तों ने मंदिर पहुंचकर मां के चरणों में माथा टेका और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के पुजारी तारा दत्त जोशी ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन से ही भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर मां की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। भक्तिमय माहौल और व्रत-अनुष्ठान मान्यता है कि उत्तराखंड में मां नंदा को मां पार्वती के स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। नवरात्रि के इन पवित्र दिनों में श्रद्धालु व्रत रखकर मां दुर्गा और भगवती नंदा की आराधना कर रहे हैं। घरों और मंदिरों में घटस्थापना के साथ विशेष अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। वहीं, जगह-जगह दुर्गा पंडालों में माता की मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिससे पूरे शहर में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण है। परंपरा के अनुसार, नौ दिनों तक चलने वाले इन अनुष्ठानों का समापन नवमी के दिन कन्या पूजन और विशाल भंडारे के साथ होगा।

 

 

 

 

‘बारानाज़ा’ पद्धति के द्वितीय संस्करण और मूल्यवर्धन पर जोर

मुख्य अतिथि डॉ. संजय कुमार ने संस्थान के वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए पारम्परिक ‘बारानाज़ा’ कृषि पद्धति के द्वितीय संस्करण (मूल्यवर्धन) को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के श्री अन्न, गहत, मसूर और काली सोयाबीन जैसे उत्पादों के मूल्यवर्धित उत्पाद बनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने काफल की शेल्फ लाइफ बढ़ाने, सुगंधित व औषधीय पौधों की खेती और कम पानी वाली प्रजातियों के विकास का आह्वान किया।

 

 

 

 

 

वहीं, विशिष्ट अतिथि डॉ. ए. के. शर्मा ने जलवायु परिवर्तन के दौर में विषरहित व जैविक खेती को रोजगारपरक बनाने पर जोर दिया।

नई प्रजातियों का लोकार्पण, एमओयू (MoU) और पुरस्कार वितरण

लोकार्पण व विमोचन: मेले के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा सब्जी मटर की नई प्रजाति ‘वी.एल. श्रेष्ठ’, चारकोल आधारित ‘वी.एल. बायोजेंट 9’, संस्थान की पत्रिका ‘पर्वतीय कृषि दर्पण’ तथा प्रसार प्रपत्र का विमोचन किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  ​डॉ. ढाल सिंह बिसेन बनाए गए उत्तराखंड के नए राज्यपाल ​लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह का स्थान लेंगे डॉ. बिसेन।

 

 

 

 

व्यावसायीकरण हेतु समझौते:

    1. वी.एल. पॉलीटनल के व्यावसायिक उपयोग हेतु मैसर्स पराशर एग्रोटेक बायो प्रा. लि. (वाराणसी) के साथ समझौता।
    2. वी.एल. सब्जी मटर 13 के लिए मैसर्स अम्बर एग्रोवेट (रुद्रपुर) के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।

 

 

  • किसान सम्मान व कृषि सामग्री वितरण: क्षेत्र के 8 प्रगतिशील किसानों (श्री उमेश सिंह, श्रीमती शशि भटनागर, श्री त्रिलोचन राज टम्टा, श्री देवेंद्र सिंह बिष्ट, श्रीमती संगीता देवी, श्री शिवराज सिंह परमार, श्रीमती हीरा देवी और श्री चंचल राम) को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत अल्मोड़ा और बागेश्वर के किसानों को 37 वी.एल. टूलकिट, 5 मंडुवा थ्रेशर, 8 पावर वीडर और 130 तिरपाल वितरित किए गए।

 

 

 

मेले की प्रदर्शनी में ICAR के विभिन्न संस्थानों, KVK और सरकारी विभागों ने हिस्सा लिया। कृषक गोष्ठी में उपस्थित लगभग 398 किसानों की समस्याओं का कृषि वैज्ञानिकों द्वारा तुरंत समाधान किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुराधा भारतीय व श्रीमती निधि सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. निर्मल कुमार हेडाऊ (प्रभागाध्यक्ष, फसल सुधार) द्वारा प्रस्तुत किया गया।