बड़ी खबर:-बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामला: BKTC का बड़ा एक्शन, अध्यक्ष का निजी सचिव प्रमोद नौटियाल सस्पेंड!

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बड़ी खबर:-बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामला: BKTC का बड़ा एक्शन, अध्यक्ष का निजी सचिव प्रमोद नौटियाल सस्पेंड!

 

बद्रीनाथ:* भू-बैकुंठ बद्रीनाथ धाम से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने कड़ा रुख अपनाते हुए पहली बड़ी कार्रवाई की है। BKTC अध्यक्ष के निजी सचिव और मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। जांच कमेटी के बद्रीनाथ धाम पहुंचते ही यह पहला और बड़ा एक्शन देखने को मिला है।

क्या है पूरा मामला?
2 जुलाई 2026 की है घटना: बद्रीनाथ मंदिर में सुबह के समय कथित तौर पर चढ़ावा चोरी करने का एक मामला सामने आया था।
ये है सबूत:यह पूरी घटना मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी, जिसके बाद हड़कंप मच गया था।

 

 

जांच कमेटी के पहुंचते ही गिरी गाज
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मंदिर समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया था। आज जैसे ही जांच कमेटी धरातल पर तफ्तीश करने बद्रीनाथ धाम पहुंची, वैसे ही BKTC कर्मचारी प्रमोद नौटियाल पर निलंबन की गाज गिर गई
बड़ी बात: BKTC अध्यक्ष के निजी सचिव स्तर के कर्मचारी पर इस तरह की कार्रवाई से मंदिर प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है कि आस्था के केंद्र में किसी भी तरह की लापरवाही या अनैतिक कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

चोरी के इस कथित मामले में अभी जांच जारी है, और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे और कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

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बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला लगातार गहराता जा रहा है। अभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज का विवाद शांत भी नहीं हुआ था कि अब मंदिर समिति में एक और बड़ा घोटाला सामने आने की आशंका बढ़ गई है। पिछले 10 से 12 वर्षों में विभिन्न बैंकों द्वारा सीएसआर (CSR) के तहत दिए गए लगभग दो दर्जन लैपटॉप का रिकॉर्ड गायब बताया जा रहा है।

 

​लैपटॉप का स्टॉक रजिस्टर से रिकॉर्ड गायब
​सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और केनरा बैंक समेत कई प्रमुख बैंकों ने कार्यालयी कार्यों को डिजिटल और आसान बनाने के लिए मंदिर समिति को CSR फंड के तहत करीब दो दर्जन लैपटॉप दिए थे।

 

​हैरानी की बात यह है कि अब इन लैपटॉप का स्टॉक रजिस्टर में कोई स्पष्ट रिकॉर्ड ही नहीं मिल रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ लोग इन लैपटॉप को अपने साथ घर ले गए। हालांकि, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अब इस पूरे मामले की भी गहन जांच कराने की बात कही है।

 

 

32 कैमरों की 40 दिनों की फुटेज खंगालेगी जांच टीम
​विवाद की शुरुआत 2 जुलाई को सामने आए एक कथित सीसीटीवी वीडियो से हुई थी, जिसमें दान-चढ़ावे की गिनती में अनियमितता के गंभीर आरोप लगे थे। इसके बाद ‘भैरव सेना’ की शिकायत पर BKTC अध्यक्ष की संस्तुति के बाद चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया, जिसने बद्रीनाथ धाम पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
​बड़ा एक्शन: जांच टीम केवल 2 जुलाई की घटना तक सीमित नहीं रहेगी।

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​स्कैनर पर 40 दिन: मंदिर परिसर में लगे सभी 32 सीसीटीवी कैमरों की पिछले 40 दिनों की रिकॉर्डिंग को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
​मकसद: समिति यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कथित अनियमितता सिर्फ एक दिन हुई या लंबे समय से ऐसा खेल चल रहा था।

 

​अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण, SIT जांच की उठी मांग
​इस महा-विवाद के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और शासन स्तर पर भी हड़कंप मचा हुआ है:
​लिखित जवाब तलब: दान-चढ़ावे की गणना (counting) के वक्त ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
​शासन सख्त: सूबे के धर्मस्व विभाग ने भी मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए BKTC से इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

 

​SIT जांच की मांग: उधर, शिकायतकर्ता संगठन ‘भैरव सेना’ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में SIT (विशेष जांच दल) से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठा दी है।
​मंदिर समिति का पक्ष: > मंदिर समिति के आला अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी। यदि जांच में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
​फिलहाल, चारधाम यात्रा के बीच आए इस बड़े विवाद के बाद अब सबकी नजरें जांच समिति की रिपोर्ट और आने वाले बड़े खुलासों पर टिकी हुई हैं।

 

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