Uttrakhand News:चढ़ावा चोरी विवाद के बीच मनसा देवी मंदिर में सख्त नियम: पुजारी और कर्मचारी पहनेंगे बिना जेब वाले कुर्ते
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर गठित एसआईटी लगातार नए खुलासे कर रही है। इस मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। राम मंदिर प्रकरण के बाद अब उत्तराखंड के प्रसिद्ध सिद्धपीठ स्थल मनसा देवी के लिए भी नए नियम बना दिए गए हैं।
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत ने ऐलान किया कि मंदिर के पुजारी और बाकी कर्मचारी अब बिना जेब वाले कुर्ता या कोई भी पोशाक पहनेंगे। उत्तराखंड में भी प्रसिद्ध चारधाम स्थल बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में हुकथित हेराफेरी की घटना सामने आई है।
🌸चढ़ावे की निगरानी सात सदस्यीय बोर्ड करेगा
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में हेरफेर और बदरीनाथ मंदिर को लेकर लग रहे आरोपों के बीच हरिद्वार का मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट भी सतर्क हो गया है। ट्रस्ट ने पुजारियों और कर्मचारियों के लिए पोशाक के नियम तय करने के अलावा चढ़ावे की निगरानी के लिए सात सदस्यीय सुपरवाइजरी बोर्ड का गठन किया है। शेषमणि दुबे, पवन गिरी, द्वारिका प्रसाद मिश्र, विनय दुबे, राम भवन यादव, जनार्दन गुप्ता और चंदन बनर्जी सदस्य होंगे।
🌸रवींद्र पुरी बोले, चंपत राय को फंसाया गया
मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कहा कि यह बोर्ड मंदिर की व्यवस्थाओं पर नजर रखेगा। वहां किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या राम मंदिर में चोरी किसी और ने की। चंपत राय को फंसाया गया है। मंदिरों में इस प्रकार की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। इससे धार्मिक स्थलों की बदनामी होती है। मंदिर में आने वाला चढ़ावा किसी के घर नहीं जाएगा। वह ट्रस्ट में जमा होगा।
🌸दूसरी अखाड़ा परिषद के गठन पर उठाया सवाल
श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने दूसरी अखाड़ा परिषद के गठन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हमारी परिषद को आठ अखाड़ों का समर्थन प्राप्त है। इनमें बड़ा उदासीन पंचायती अखाड़ा, जूना अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा, आनंद अखाड़ा, निरंजनी अखाड़ा, निर्मल अखाड़ा, नया उदासीन और आह्वान अखाड़ा शामिल है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार अर्द्धकुंभ का पूर्ण कुंभ के रूप में सबसे पहले उन्होंने समर्थन किया था। वह नासिक और उज्जैन कुंभ में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कहा कि कुंभ की सभी व्यवस्थाओं में वह शामिल रहेंगे।
🌸मनसा देवी मंदिर की सीढ़ियों को तत्काल ठीक करें
मनसा देवी मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों और सीढ़ियों का निरीक्षण करते हुए मेलाधिकारी ने जहां आवश्यकता हो वहां तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग का भी निरीक्षण किया।
🌸हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों के पैदल मार्ग संवरेंगे
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार में प्रमुख मंदिरों और हरकी पैड़ी को जोड़ने वाले पैदल मार्गों व फुटपाथों के विकास पर करीब 32.15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। चंडी देवी, मनसा देवी, बिल्केश्वर महादेव, श्रीयंत्र मंदिर, बूढ़ी माता मंदिर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम आवाजाही के लिए सात प्रमुख परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। सोमवार को मेलाधिकारी सोनिका ने निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले कार्य पूरे करन के निर्देश दिए।
🌸ये हैं स्वीकृत परियोजनाएं
स्वीकृत परियोजनाओं में चंडी देवी मंदिर तक तीर्थयात्री सुविधाओं एवं पहुंच मार्ग के विकास के लिए 3.53 करोड़ रुपये, मनसा देवी मंदिर के दोनों मार्गों के विकास के लिए 2.18 करोड़ रुपये, हरकी पैड़ी से प्रमुख मंदिरों को जोड़ने वाले पैदल-अनुकूल फुटपाथ निर्माण के लिए 7.84 करोड़ रुपये, बंगाली मोड़ से झंडा चौक, श्रीयंत्र मंदिर और बूढ़ी माता मंदिर तक मार्ग के नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण के लिए 3.94 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा शंकराचार्य चौक, देवपुरा चौक, चंद्राचार्य चौक और आर्यनगर चौक के आंतरिक मार्गों के नवीनीकरण तथा फुटपाथ निर्माण के लिए 6.44 करोड़ रुपये, शंकराचार्य चौक से कनखल थाना होते हुए देशरक्षक तिराहे तक मार्ग सुधार के लिए 3.93 करोड़ रुपये तथा ज्वालापुर-ललताराव-चंडीघाट मार्ग के नवीनीकरण एवं फुटपाथ निर्माण के लिए 4.27 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत हैं।