बड़ी खबर:बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावा चोरी का आरोप: BKTC पर बरसे कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला, कार्यकर्ताओं संग सिंह द्वार पर मौन व्रत शुरू*

बड़ी खबर:बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावा चोरी का आरोप: BKTC पर बरसे कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला, कार्यकर्ताओं संग सिंह द्वार पर मौन व्रत शुरू

बदरीनाथ धाम। भू-वैकुंठ नगरी श्री बदरीनाथ धाम से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान की धनराशि में कथित हेराफेरी (चोरी) का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर स्थानीय कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला मुखर हो गए हैं।

आज सुबह विधायक लखपत सिंह बुटोला, जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) के ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी और भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बदरीनाथ मंदिर के मुख्य सिंह द्वार के बाहर परिसर में मौन व्रत पर बैठ गए हैं।
सरकार और BKTC पर मामला दबाने का आरोप, SIT जांच की मांग
विधायक लखपत बुटोला ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) प्रशासन और प्रदेश सरकार पर इस संवेदनशील मामले को ठंडे बस्ते में डालने और दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे प्रकरण में हुए कथित

भ्रष्टाचार के खिलाफ
उच्च स्तरीय न्यायिक जांच या SIT (विशेष जांच दल)* के गठन की मांग की है। “अयोध्या के राम मंदिर में सामने आए दान चोरी प्रकरण के बाद अब हिंदुओं के पवित्र तीर्थ बद्रीनाथ मंदिर में भी चढ़ावे की राशि में हेराफेरी के आरोप लगना बेहद चिंताजनक है।

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इसकी निष्पक्ष जांच होनी ही चाहिए।” कांग्रेस कार्यकर्ता

‘भैरव सेना’ ने खोला था मोर्चा, BKTC ने बिठाई जांच

आपको बता दें कि इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब भैरव सेना’ नामक संगठन ने BKTC के कर्मचारियों और अधिकारियों पर चढ़ावे की राशि में बड़ी आर्थिक हेराफेरी करने के सीधे आरोप लगाए।
मामले की गंभीरता और बढ़ते दबाव को देखते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति  ने आनन-फानन में 4 सदस्यीय जांच समिति* का गठन कर दिया है। इसके साथ ही, दान पत्र से चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में शामिल रहे संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’भी जारी किया गया है।

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ये रखी गयी हैं मांगें
निष्पक्ष जांच: मामले को दबाने के बजाय इसकी उच्च स्तरीय न्यायिक या SIT जांच हो।
सख्त कार्रवाई: दान-चढ़ावे की हेराफेरी में शामिल दोषियों को तुरंत बेनकाब कर दंडित किया जाए।

पारदर्शिता:मंदिर की व्यवस्थाओं और दान की गणना में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए।
अब देखना यह होगा कि कांग्रेस विधायक के इस मौन व्रत और भारी आक्रोश के बाद धाम की सुरक्षा व व्यवस्था संभालने वाली BKTC और सूबे की सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।