Big Breking:- उत्तरकाशी में कुदरत का कहर: डोडीताल के पखोटु बुग्याल में बिजली गिरने से 225 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत, राजस्व टीम रवाना

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Big Breking:- उत्तरकाशी में कुदरत का कहर: डोडीताल के पखोटु बुग्याल में बिजली गिरने से 225 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत, राजस्व टीम रवाना

उत्तरकाशी जिले का सुदूर पखोटु बुग्याल (डोडीताल क्षेत्र)
नुकसान:225 से अधिक भेड़-बकरियों की मौके पर मौत, सैकड़ों मवेशी अब भी लापता।
*प्रभावित:* अस्सी गंगा घाटी और मोरी क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक पशुपालक।
प्रशासनिक कार्रवाई: 22 किमी का कठिन पैदल ट्रैक कर मौके के लिए रवाना हुई राजस्व टीम।

उत्तरकाशी।* उत्तराखंड के सीमांत जिले उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जिले के प्रसिद्ध डोडीताल क्षेत्र स्थित *पखोटु बुग्याल में सोमवार देर रात कुदरत का भारी कहर टूटा है। भीषण बारिश के दौरान अचानक हुए वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) से *225 से अधिक भेड़-बकरियों की दर्दनाक मौत* हो गई। इस हादसे में सैकड़ों अन्य मवेशियों के लापता होने की भी आशंका है, जिससे अस्सी गंगा घाटी और मोरी क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गरीब भेड़-बकरी पालकों की आजीविका पर संकट मंडरा गया है।
देर रात बिगड़ा मौसम, मवेशियों को संभलने का नहीं मिला मौका*
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, इन दिनों अस्सी गंगा और मोरी घाटी के करीब दो दर्जन पशुपालक अपने 300 से अधिक मवेशियों के साथ पारंपरिक चुगान के लिए पखोटु बुग्याल में डेरा डाले हुए थे। सोमवार देर रात अचानक मौसम ने करवट बदली और मूसलाधार बारिश के साथ आसमान में भारी गरज-चमक शुरू हो गई।
इसी बीच आधी रात के बाद बुग्याल में आकाशीय बिजली सीधे मवेशियों के झुंड पर आ गिरी। वज्रपात इतना भीषण था कि *225 से अधिक भेड़-बकरियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया*। कड़कती बिजली और धमाके से डरे कई अन्य जानवर अंधेरे में इधर-उधर बिखर गए, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
पशुधन को हाल के वर्षों की सबसे बड़ी क्षति* उत्तरकाशी जिले में हाल के वर्षों के भीतर आकाशीय बिजली गिरने से पशुधन को हुई यह अब तक की सबसे बड़ी और अपूरणीय क्षति मानी जा रही है। इससे स्थानीय ग्रामीणों को लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।

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 गांव पहुंचे शख्स ने दी सूचना, प्रशासन अलर्ट

घटना के बाद मंगलवार सुबह बुग्याल से एक व्यक्ति किसी तरह भागते हुए नीचे अगोड़ा और ढासड़ा गांव पहुंचा और ग्रामीणों को इस भयानक त्रासदी की जानकारी दी। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत जिला प्रशासन को मामले से अवगत कराया।
आपदा की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी) अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
22 किलोमीटर का कठिन ट्रैक, आज पहुंचेगी टीम*
घटनास्थल बेहद सुदूर और दुर्गम इलाके में स्थित है। अधिकारियों के मुताबिक, पखोटु बुग्याल तक पहुंचने के लिए करीब 22 किलोमीटर का बेहद कठिन और खड़ी चढ़ाई वाला पैदल रास्ता* पार करना पड़ता है। राजस्व टीम के मौके पर पहुंचने के बाद ही नुकसान का वास्तविक आकलन और मृत जानवरों का पंचनामा व पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। प्रभावित पशुपालकों ने सरकार से उचित मुआवजे की गुहार लगाई है।

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