अपडेट्स पीपलकोटी टनल हादसा: 7 मजदूरों की मौत से कोहराम, सुरक्षा और मुआवजे पर उठे गंभीर सवाल; आज सुबह 9 बजे ग्राउंड जीरो पहुंचेंगे सीएम धामी
अपडेट्स पीपलकोटी टनल हादसा: 7 मजदूरों की मौत से कोहराम, सुरक्षा और मुआवजे पर उठे गंभीर सवाल; आज सुबह 9 बजे ग्राउंड जीरो पहुंचेंगे सीएम धामी
चमोली/गोपेश्वर: उत्तराखंड के चमोली जिले में विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (VPHEP) की निर्माणाधीन मायापुर टनल (THDC) में अचानक आए भीषण मलबे और सैलाब की चपेट में आने से 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के समय सुरंग में कुल 22 मजदूर कार्यरत थे, जिनमें से कई घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने मृतकों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है।
इस बीच घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार सुबह 9 बजे खुद पीपलकोटी (मायापुर) पहुंच रहे हैं। सीएम धामी टनल हादसे का स्थलीय निरीक्षण (ग्राउंड जीरो) करेंगे और रेस्क्यू कार्यों का जायजा लेने के साथ-साथ अस्पताल जाकर घायलों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।
मृतकों की सूची (आधिकारिक जानकारी)
- प्रदीप सिंह पवार (31 वर्ष), पुत्र अवतार सिंह – निवासी गैंवाल, चम्बा (टिहरी)
- मुकेश – निवासी उर्गम (चमोली)
- दुर्लभ शर्मा – निवासी बिहार
- विजय (28 वर्ष) – निवासी झारखंड
- जितेन्द्र कुमार – निवासी झारखंड
- लोकेश्वर – (पूर्ण पते की जानकारी जुटाई जा रही है)
- भुनेश्वर – (पूर्ण पते की जानकारी जुटाई जा रही है)
मृतकों में बिहार और झारखंड के मजदूर भी शामिल हैं। जिला प्रशासन अन्य राज्यों के अधिकारियों से संपर्क कर परिजनों को सूचित कर रहा है।
1. कैसे हुआ हादसा? और क्या थे टनल के सुरक्षा इंतजाम?
घटनाक्रम: गुरुवार शाम लगभग 6:30 से 6:45 बजे के बीच, जब मजदूर टनल के भीतर खुदाई के काम में जुटे थे, तभी अचानक भारी मात्रा में पानी और गाद (मलबा) सुरंग के भीतर घुस आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी का बहाव इतना तेज था कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। NDRF, SDRF, सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल:
- अर्ली वार्निंग व सेंसर सिस्टम का अभाव: पहाड़ में अचानक पानी के रिसाव या प्रेशर की पूर्व चेतावनी देने वाला सिस्टम क्यों नाकाम रहा?
- आपातकालीन निकासी (Emergency Exit): टनल के भीतर इमरजेंसी एग्जिट और पानी निकासी के उच्च क्षमता वाले डी-वाटरिंग पंपों की पर्याप्त व्यवस्था न होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
- लापरवाही का आरोप: स्थानीय स्तर पर कार्यदायी संस्था (HCC) और THDC प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं।
2. सीएम धामी का दौरा, सहायता व मुआवजा प्रक्रिया
- सीएम धामी का स्थलीय निरीक्षण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सुबह 9 बजे देहरादून से पीपलकोटी पहुंचकर आपदा स्थल का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती घायलों से भेंट कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल जानेंगे। सीएम धामी ने पहले ही झारखंड व अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर प्रभावित श्रमिकों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
- मुआवजा एवं अनुग्रह राशि:
- राज्य सरकार द्वारा: आपदा प्रबंधन नीति के तहत मृतकों के परिजनों को तात्कालिक अनुग्रह राशि (Ex-gratia) जारी की जा रही है।कंपनी व इंश्योरेंस सहायता: श्रम कानून (Workmen’s Compensation Act) और कंपनी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत THDC व निर्माण कंपनी द्वारा पीड़ित परिवारों को 15 लाख से 25 लाख रुपये तक का मुआवजा प्रदान किया जाएगा।मुफ्त इलाज: सभी घायल मजदूरों के मुफ्त और उच्चस्तरीय इलाज के निर्देश दिए गए हैं।