Almora News:पहाड़ की खेती को हाई-टेक बनाएगी धामी सरकार: पारंपरिक फसलों पर 100% सब्सिडी, फसलों की सुरक्षा के लिए ₹20 करोड़

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उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार प्रदेश के किसानों की आय दोगुनी करने और पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक व आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रही है।

हाल ही में शुरू हुए ‘खेत बचाओ अभियान’ और विश्व बैंक के सहयोग से मंजूर हुई बड़ी परियोजनाओं के जरिए राज्य के लाखों किसान परिवारों को सीधे तौर पर तकनीकी और वित्तीय लाभ पहुंचाया जा रहा है। सरकार का मुख्य फोकस जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, बागवानी को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन के दौर में भी किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर है।

🌸खेत बचाओ अभियान: नर्सरी और कीवी उत्पादन पर बड़ा अनुदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू किए गए ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं की गई हैं।

🌸नर्सरी स्थापना पर भारी सब्सिडी: राज्य में कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ी नर्सरी स्थापित करने पर ₹4 करोड़ और छोटी नर्सरी के लिए ₹2 करोड़ तक की सहायता का प्रावधान किया गया है।

🌸कीवी और सेब उत्पादन को बढ़ावा: न्यूजीलैंड के सहयोग से राज्य में ₹15 करोड़ की लागत वाली कीवी उत्पादन परियोजना शुरू की गई है। इसके अलावा, मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किया जा रहा है, जिससे सेब उत्पादकों को वायरस-मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले पौधे मिल सकेंगे।

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🌸अल्मोड़ा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से एक आधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है।

🌸जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना

पहाड़ी इलाकों में वर्षा आधारित (बारानी) खेती को नया जीवन देने के लिए विश्व बैंक के सहयोग से ₹1000 करोड़ की भव्य परियोजना को हरी झंडी दी गई है। यह योजना 2030 तक चलेगी, जिससे राज्य के 8 पहाड़ी जिलों के लगभग 76000 किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके तहत किसानों को कम पानी में अधिक पैदावार देने वाली फसलें उगाने की तकनीक सिखाई जाएगी।

🌸फसलों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग स्कीम

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बंदरों और जंगली सूअरों द्वारा फसलों को नष्ट करना एक बहुत बड़ी समस्या रही है। इससे निपटने के लिए धामी सरकार ने बजट में फसलों की सुरक्षा और खेतों की फेंसिंग हेतु ₹20 करोड़ का विशेष वित्तीय प्रावधान किया है, ताकि किसानों की मेहनत बर्बाद न हो।

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🌸स्थानीय फसल प्रोत्साहन कार्यक्रम
राज्य के पहाड़ी जिलों के पारंपरिक अनाजों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ‘स्थानीय फसल प्रोत्साहन कार्यक्रम’ चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत किसानों को राजमा, गहत, रामदाना, लाल चावल, भट्ट और कौणी जैसे पारंपरिक बीजों पर सौ फीसदी सब्सिडी (मुफ्त बीज) दी जा रही है। सरकार इन फसलों के लिए न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित कर रही है ताकि बिचौलियों से किसानों को बचाया जा सके।

🌸उत्तराखंड महक क्रांति नीति

उत्तराखंड को ‘सुगंधित प्रदेश’ बनाने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड महक क्रांति नीति’ के तहत औषधीय और सुगंधित पौधों (जैसे लेमनग्रास, डैमास्क गुलाब) की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस नीति के जरिए पारंपरिक खेती छोड़ चुके युवाओं को फिर से स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड के किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें हाई-टेक और ग्लोबल मार्केट से जोड़ना है। चाहे वह कीवी का उत्पादन हो या मोटे अनाजों (मिलेट्स) को बढ़ावा देना, सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है।

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