प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ चिकित्सकीय धर्म: अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. तितीयाल खुद करेंगे आंखों के ऑपरेशन
प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ चिकित्सकीय धर्म: अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. तितीयाल खुद करेंगे आंखों के ऑपरेशन
ओपीडी में मरीजों को परामर्श देने के बाद अब सर्जरी भी संभालेंगे वरिष्ठ नेत्र सर्जन; मरीजों और तीमारदारों में जगी उम्मीद
अल्मोड़ा। शासकीय/मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा में मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल देखने को मिल रही है। कॉलेज के प्राचार्य और वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. गोविन्द सिंह तितीयाल ने प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच चिकित्सकीय दायित्वों को प्राथमिकता देते हुए स्वयं मरीजों की कमान संभालने का निर्णय लिया है। वे न केवल नियमित रूप से ओपीडी में बैठकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं, बल्कि जल्द ही आंखों के आवश्यक ऑपरेशन (सर्जरी) भी शुरू करेंगे।
आमतौर पर प्रशासनिक पदभार संभालने के बाद अधिकारियों के लिए ओपीडी और ओटी (ऑपरेशन थियेटर) में नियमित समय देना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। हालांकि, डॉ. तितीयाल ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के साथ-साथ सीधे मरीजों से जुड़ने का रास्ता चुना है।
व्यवस्था सुधार में मिलेगी मदद
अस्पताल से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थान के शीर्ष अधिकारी के धरातल पर उतरकर व्यवस्थाएं देखने से न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली में त्वरित सुधार आएगा, बल्कि अन्य चिकित्सकों व कर्मचारियों में भी कार्य के प्रति निष्ठा बढ़ेगी।
मरीजों और तीमारदारों में बढ़ा विश्वास
प्राचार्य के इस कदम का स्थानीय नागरिकों, मरीजों और तीमारदारों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि एक वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सक का सीधा मार्गदर्शन मिलने से दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। प्राचार्य की इस सकारात्मक पहल से मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिलने के साथ-साथ संस्थान के प्रति जनविश्वास भी गहरा हो रहा है।