लोहियाहेड: टिक्की की चुस्की के साथ सीएम धामी ने दिया ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश, आम जनता के बीच पैदल घूमकर जाना हाल-चाल

लोहियाहेड: टिक्की की चुस्की के साथ सीएम धामी ने दिया ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश, आम जनता के बीच पैदल घूमकर जाना हाल-चाल

 

 

 

 

 

लोहियाहेड। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वरोजगार के प्रति सरकार के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए आम जनता के बीच पहुंचकर एक अनूठी मिसाल पेश की। लोहियाहेड में पैदल यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री अचानक स्थानीय तौर पर प्रसिद्ध रवि के स्टॉल पर पहुंचे और वहां रुककर टिक्की का स्वाद लिया।

 

 

 

 

सीएम धामी ने बेहद आत्मीय अंदाज में रवि से संवाद कर उनके व्यवसाय और आजीविका के साधनों की जानकारी ली। छोटे स्तर पर स्वरोजगार अपनाकर स्वावलंबन की दिशा में किए जा रहे रवि के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय कारीगरों, छोटे व्यापारियों और युवाओं की मेहनत ही राज्य की अर्थव्यवस्था की वास्तविक ताकत है।

यह भी पढ़ें 👉  अल्मोड़ा लक्ष्मेश्वर में भव्य श्री मंगल कलश यात्रा के साथ 13वें दुर्गामहोत्सव का शुभारंभ

 

 

 

 

सामूहिक जिम्मेदारी है स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना

नागरिकों और व्यापारियों से सीधा संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक व्यंजनों और छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन देना केवल सरकार की जवाबदेही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘वोकल फॉर लोकल’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, युवाओं के लिए अवसर पैदा करने और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने का सशक्त जरिया है।”

 

 

 

उन्होंने जोर देकर कहा कि जब हम अपने आसपास के उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं, तो उसका प्रत्यक्ष लाभ सीधे हमारे स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों की जेब तक पहुंचता है।

यह भी पढ़ें 👉 

 

 

 

 

 

सीएम की सादगी देख गदगद हुए स्थानीय लोग

प्रदेश के मुख्यमंत्री को बिना किसी औपचारिकता के अपने बीच पैदल चलते और आम लोगों की तरह टिक्की खाते देखकर लोहियाहेड के व्यापारियों व आम नागरिकों में भारी उत्साह दिखाई दिया। स्थानीय दुकानदारों ने मुख्यमंत्री की सादगी और जमीनी जुड़ाव की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे स्थानीय व्यवसायों के प्रोत्साहन की दिशा में एक प्रेरक कदम माना जा रहा है।