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उत्तराखंड सरकार जल्द ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को रिटायरमेंट के बाद पेंशन का तोहफा दे सकती है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

प्रदेश में लगभग 40,000 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं कार्यरत हैं, जबकि 7038 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। मंत्री ने बताया कि अब तक 20,000 से अधिक महिलाओं ने भर्ती के लिए आवेदन कर दिया है, और 31 जनवरी तक यह संख्या 1 लाख तक पहुंचने की संभावना है।

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मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है और इस समय महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में यह अहम कदम साबित होगा। बैठक में अधिकारियों ने इस योजना के संचालन के लिए तीन संभावित प्रारूप भी प्रदर्शित किए, इनमें से किसी का चयन कैबिनेट में किया जाएगा। बैठक में मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के 7038 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया के प्रगति की भी जानकारी ली। 

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बैठक में मंत्री ने महिला कल्याण कोष की नियमावली अब तक अप्रूव न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अगली कैबिनेट से पहले नियमावली तैयार करने के सख्त निर्देश जारी किए। इसके अतिरिक्त बैठक में महिला सारथी योजना,आंगनबाड़ी कल्याण कोष समेत कई अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। 

बैठक में सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक प्रशांत आर्य, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी मोहित चौधरी आदि उपस्थित रहे और सभी जनपदों के जिला कार्यक्रम अधिकारी वर्चुअली बैठक में जुड़े थे।

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