Uttrakhand News :लंबित मांगों के पूरा नहीं होने पर एक जनवरी 2024 से बेमियादी हड़ताल पर जाएंगे स्वच्छता कर्मी, इन मांगों के लिए करेंगे प्रदर्शन

0
ख़बर शेयर करें -

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला तथा नरेंद्रनगर में आने वाले दिनों में सफाई व्यवस्था लड़खड़ा सकती है। पालिका में कार्यरत सफाई कर्मियों ने लंबित मांगों के पूरा नहीं होने पर एक जनवरी 2024 से बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।

💠इस संबंध में उन्होंने तहसीलदार नरेंद्रनगर को ज्ञापन भी सौंपा।

उत्तराखंड के समस्त निकायों (नगर निगम, नगर पालिका परिषद् व नगर पंचायत) से ठेकेदारी प्रथा, संविदा, पुरानी समिति, दैनिक आदि व्यवस्था की शोषणकारी व्यवस्था को समाप्त करते हुए सभी गैर सरकारी, कार्यरत सफाई कर्मियों को नियमित, डा. ललित मोहन रयाल कमेटी की सिफारिशें और पुरानी पेंशन लागू करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ उत्तराखंड शाखा पिछले काफी समय से संघर्षरत है।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:SSJ विश्वविद्यालय में आर्यन छात्र संगठन ने रचा इतिहास, भास्कर गिरी गोस्वामी सचिव पद पर निर्विरोध निर्वाचित

सोमवार को अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के मुनिकीरेती शाखा इकाई से जुड़े सफाई कर्मियों ने लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया । 14 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार नरेंद्रनगर को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शाखा अध्यक्ष कुलदीप ने कहा कि सितंबर में सचिव शहरी विकास विभाग उत्तराखंड शासन से वार्ता का कोई हल नहीं निकला।

साथ ही संघ ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग भारत सरकार के उपाध्यक्ष के माध्यम से भी मुख्यमंत्री से पत्राचार किया। साथ ही अनेक बार मुख्यमंत्री से वार्ता करने के प्रयास किए, लेकिन विधिवत प्रक्रिया से हमें कोई भी उत्तर नहीं मिला, जिससे पूरे प्रदेश के सफाई कर्मियों में गुस्सा है।

यह भी पढ़ें 👉  अल्मोड़ा में 26 सितंबर को भारी वर्षा का अलर्ट: जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील

पिछले वर्ष अगस्त 2022 में उत्तराखंड विधानसभा में भी रयाल कमेटी की सिफारिशें लागू कराए जाने के लिए ज्वालापुर ग्रामीण विधानसभा के विधायक ने प्रश्न उठाया था। जिसके जवाब में वर्तमान शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने जल्द ही सिफारिशें लागू करने व रयाल कमेटी पर कार्यवाही गतिमान होने का आश्वासन दिया था। परंतु 15 माह बीतने के पश्चात भी रयाल कमेटी की सिफारिशें लागू नहीं हुई, जिससे उत्तराखंड के सफाई कर्मी हताशा व निराशा से भरे हुए हैं। लिहाजा विवश होकर हड़ताल का सहारा लेना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *