ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक दीवान कनवाल का निधन हो गया है।

उनकी मधुर आवाज़़ और पहाड की खूशब् से भरे गीत हमेशा लोगों के दिलोंमेंगूंजते रहेंग। उन्होंने अपने संगीत से उत्तराखंड की संस्कृति और लोकगीतों को हर दिल तक पहुँचाया। उनका इस तरह अचानक चले जाना संगीत जगत और पहाड के लिए बहुत बड़ी क्षति है।

यह भी पढ़ें 👉  ​अल्मोड़ा: खम्पा मार्केट में युवक से लूटपाट व मारपीट, पार्षद अमित साह 'मोनू' ने कोतवाली में उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

दीवान कनवाल उत्तराखंड की लोक संस्कृति के एक सच्चे सपूत थे। उनकी आवाज़ में कुमाऊँ की वादियों की ठंडक, पहाड़ों की पुकार, प्रेम की मिठास और विरह की पीड़ा सब कुछ समाया हुआ था। गीत जैसे “आज कु छे मेत जा” “हिट मेरी रंगीली”, “त्यार पहाड म्यार पहाड़” और कई अन्य आज भी लोगों के दिलों में गूंजते हैं, और यकीन मानिए, ये हमेशा गूंजते रहेंगे। उनके गीत सिर्फ़़ संगीत नहीं थे – वे उत्तराखंड की पहचान, परंपराओं, भावनाओं और जीवन दर्शन का जीवंत दस्तावेज़ थे। उनके निधन पर विभिन्न जगत के लोगोंने दुख जताया है।

यह भी पढ़ें 👉  ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग ठप, NDRF-SDRF और प्रशासन की टीमें मौके के लिए रवाना | अलकनंदा तटवर्ती इलाकों में अलर्ट

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *