Uttrakhand News:ऋषिकेश का 40 साल पुराना ‘राम झूला’ दिसंबर तक बंद, जानिए क्या है वजह

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उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी पर बना प्रसिद्ध राम झूला सस्पेंशन ब्रिज अब दिसंबर तक आम लोगों के लिए बंद रहेगा. करीब 40 साल पुराने इस पुल को मरम्मत, अपग्रेडेशन और नवीनीकरण के लिए शनिवार शाम से दोनों ओर से बंद कर दिया गया है.

अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं और काम पूरा होने के बाद दिसंबर में पुल को दोबारा जनता के लिए खोलने की योजना है.

🌸कितना लंबा है राम झूला?

करीब 220 मीटर लंबा और दो मीटर चौड़ा राम झूला पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल जिलों को जोड़ने वाला प्रमुख पैदल पुल है. समय के साथ इसकी नींव और सस्पेंशन केबल के कुछ हिस्सों में क्षति पहुंची है. इसके अलावा पुल में दरारें और अन्य संरचनात्मक समस्याएं भी सामने आई थीं. साल वर्ष 2019 और 2023 में मानसून के दौरान भारी बारिश के बाद सुरक्षा कारणों से इसे अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ा था.

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🌸कब तक खुलेगा राम झूला?

लोक निर्माण विभाग (PWD) के नरेंद्रनगर डिवीजन के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि पुल की दीर्घकालिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि दिसंबर तक काम पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद पुल को फिर से लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.

🌸व्यापारियों ने उठाए सवाल

स्थानीय व्यापारियों ने इस फैसले के समय पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि मरम्मत का काम कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद शुरू किया जाना चाहिए था, क्योंकि सावन के दौरान लाखों कांवड़िए, तीर्थयात्री और पर्यटक ऋषिकेश पहुंचते हैं और नीलकंठ महादेव मंदिर जाने के लिए राम झूला का इस्तेमाल करते हैं.

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स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सावन के दौरान पुल बंद रहने से स्थानीय बाजार और कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा. रोजाना हजारों श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय लोग इस पुल से आवाजाही करते हैं.

🌸कब बना था राम झूला?

साल 1986 में बना राम झूला ऋषिकेश की पहचान माना जाता है. इसके बंद होने से न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित होगी, बल्कि आसपास के बाजारों और स्थानीय व्यापार पर भी इसका असर पड़ेगा.

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