Uttrakhand शटडाउन नहीं मिलने से कॉन्ट्रेक्ट लाइनमैन की करंट लगने से मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा; बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप।

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खटीमा में बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। ट्रांसफार्मर का फ्यूज ठीक करने के लिए पोल पर चढ़े कॉन्ट्रेक्ट लाइनमैन रंजीत की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। आरोप है कि कार्य शुरू करने से पहले कंट्रोल रूम से शटडाउन मांगा गया था और शटडाउन दिए जाने की सूचना भी दी गई, लेकिन हकीकत में लाइन में बिजली सप्लाई जारी रही।

 

 

 

 

 

जैसे ही रंजीत ने फ्यूज जोड़ने का प्रयास किया, वह 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। हादसे के बाद अस्पताल में परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और मृतक की मां व बहन की विद्युत विभाग के एसडीओ से तीखी झड़प हो गई।

 

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाइनमैन रंजीत अपने साथी कर्मचारियों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में एक ट्रांसफार्मर का फ्यूज ठीक करने के लिए पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शी कर्मचारी जितेंद्र ने बताया कि नियमानुसार कार्य शुरू करने से पहले कंट्रोल रूम से शटडाउन मांगा गया था। कंजाबाग सब स्टेशन से फोन पर शटडाउन दिए जाने की सूचना मिलने के बाद रंजीत पोल पर चढ़ गया। लेकिन जैसे ही उसने फ्यूज में प्लास लगाई, वह तेज करंट की चपेट में आ गया और पोल पर ही झुलस गया।

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साथी कर्मचारियों ने किसी तरह उसे नीचे उतारकर तत्काल उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां, बहन और अन्य परिजन बदहवास होकर रोने लगे। इस दौरान अस्पताल परिसर का माहौल बेहद भावुक और तनावपूर्ण हो गया।

 

 

 

घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर और सही तरीके से शटडाउन लिया गया होता तो रंजीत की जान बच सकती थी। परिजनों ने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि विभागीय लापरवाही ने उनके घर का कमाने वाला सदस्य छीन लिया।

 

 

वहीं ठेकेदार के सुपरवाइजर ने भी हादसे के लिए कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी दीप चंद्र की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि शटडाउन की प्रक्रिया पूरी तरह सुनिश्चित किए बिना लाइनमैन को कार्य करने की अनुमति दे दी गई, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो इस घटना से बचा जा सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक भुवन कापड़ी अस्पताल पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने कहा कि इससे पहले भी लाइनमैनों के साथ करंट लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन विभाग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर दिखाई नहीं देता। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारियों और लाइनमैनों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते, जिसके कारण आए दिन जानलेवा हादसे सामने आते हैं। लोगों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग भी उठाई है।
फिलहाल प्रशासन और विभागीय अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली, शटडाउन व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

 

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