अनाहत सिंह ने रचा इतिहास: बनीं वर्ल्ड जूनियर स्क्वाश चैंपियन, तोड़ा मिस्र का 15 साल का वर्चस्व!
अनाहत सिंह ने रचा इतिहास: बनीं वर्ल्ड जूनियर स्क्वाश चैंपियन, तोड़ा मिस्र का 15 साल का वर्चस्व!
कनाडा (नायग्रा-ऑन-द-लेक) भारत की 18 वर्षीय स्टार स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने वर्ल्ड स्क्वाश जूनियर चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीतकर भारतीय खेल इतिहास में एक नया सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है।
शनिवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में टॉप सीड अनाहत ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त
रुकैया सलेम को एकतरफा अंदाज में 3-0 (11-3, 11-7, 11-9) से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मैच का हाल: शुरुआत से अंत तक अनाहत का दबदबा
पहला गेम 11-3अनाहत ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और रुकैया को संभलने का बिल्कुल मौका नहीं दिया।
दूसरा गेम (11-7) मिस्र की खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन अनाहत ने बेहतरीन कोर्ट कवरेज और सधे हुए शॉट्स के दम पर बढ़त बनाए रखी।
तीसरा गेम (11-9)तीसरे गेम में कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन दबाव के पलों में संयम रखते हुए अनाहत ने सीधे गेमों में ऐतिहासिक जीत सील कर दी।
इस जीत के बड़े मायने
“वर्ल्ड जूनियर स्क्वाश चैंपियन बनने वाली अनाहत सिंह पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।”
21 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा इससे पहले 2005 में जोशना चिनप्पा उपविजेता (रनर-अप) रही थीं। अनाहत ने एक कदम आगे बढ़कर यह इतिहास रचा है।
मिस्र के एकाधिकार का अंत मिस्र के खिलाड़ियों ने 2011 से लगातार 15 वर्षों तक इस टूर्नामेंट के गर्ल्स सिंगल्स खिताब पर अपना कब्जा जमा रखा था। अनाहत 2010 (अमांडा सोभी) के बाद यह खिताब जीतने वाली पहली गैर-मिस्री खिलाड़ी बन गई हैं।
भारतीय खेल प्रेमियों के लिए गर्व का क्षण
सीनियर PSA टूर पर दुनिया की 20वें नंबर की खिलाड़ी अनाहत सिंह की यह जीत 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक (जहाँ स्क्वाश पदार्पण कर रहा है) के लिहाज से भारत के लिए एक बेहद सुखद और उम्मीदों भरा संकेत है।