उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक क्षण: पहली बार ‘भारत ट्रॉफी’ राष्ट्रीय अल्टीमेट फ्रिस्बी चैंपियनशिप में भाग लेगी राज्य की फ्लाइंग डिस्क टीम
उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक क्षण: पहली बार ‘भारत ट्रॉफी’ राष्ट्रीय अल्टीमेट फ्रिस्बी चैंपियनशिप में भाग लेगी राज्य की फ्लाइंग डिस्क टीम
अल्मोड़ा: उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक नया और गौरवशाली अध्याय जुड़ने जा रहा है। ‘उत्तराखंड फ्लाइंग डिस्क एसोसिएशन’ (UFDA) की राज्य टीम पहली बार चेन्नई में आयोजित होने वाली ‘भारत ट्रॉफी 2026’ (राष्ट्रीय अल्टीमेट फ्रिस्बी चैंपियनशिप) में प्रतिभाग करने जा रही है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करना न केवल राज्य के लिए बल्कि इन युवा खिलाड़ियों के लिए भी अत्यंत गर्व का विषय है।
शेल्टर होम के बच्चों ने बनाई राष्ट्रीय पहचान
इस 20-सदस्यीय (बालक एवं बालिका) टीम की सबसे खास और प्रेरणादायक बात यह है कि इसमें शामिल सभी खिलाड़ी ‘बदलाव फाउंडेशन’ के माध्यम से देहरादून स्थित सरकारी बाल गृहों (शेल्टर होम) से जुड़े हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद इन युवाओं ने अल्टीमेट फ्रिस्बी खेल के जरिए अपने जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और अटूट टीम भावना का विकास किया है। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर इन्होंने राष्ट्रीय मंच पर राज्य का नाम रोशन करने का अवसर हासिल किया है।
जीवन की पहली बड़ी यात्रा और राष्ट्रीय मुकाबला
टीम के अधिकांश खिलाड़ियों के लिए यह पहला अवसर होगा जब वे:
उत्तराखंड राज्य की सीमाओं से बाहर कदम रख रहे हैं।
अपनी जीवन की पहली लंबी रेल यात्रा का अनुभव करेंगे।
इतने बड़े स्तर पर किसी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य की ओर से खेलेंगे।
उत्तराखंड टीम में चयनित 20 सितारे
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड की ओर से मैदान में उतरने वाले खिलाड़ी हैं:
अमीषा, अनमोल, अंकिता, आरव, गुंजन, भीकू, कश्मीरा, महेश, खुशी, मोहित, सुनीता, मोनू, नेहा, नीरज, पल्लवी, सतीश, शीतल, सूरज, सोनाक्षी और विकास।
सहयोग की अपील: खेल और युवाओं के भविष्य को दें उड़ान
उत्तराखंड फ्लाइंग डिस्क एसोसिएशन ने राज्य के खेल प्रेमियों और प्रबुद्ध नागरिकों से इन खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने की अपील की है। यह प्रयास न केवल 20 खिलाड़ियों को चेन्नई पहुँचाने तक सीमित है, बल्कि उत्तराखंड में ‘अल्टीमेट फ्रिस्बी’ जैसे उभरते खेल की नींव को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।