Almora News:भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा चमोली जिले के किसानों हेतु “पर्वतीय कृषि के लिए उच्च मूल्य वाली फसलें और संबंधित उद्यम” पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

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भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत के मार्गदर्शन में “पर्वतीय कृषि के लिए उच्च मूल्य वाली फसलें और संबंधित उद्यम” विषय पर तीन  दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन 02 से 04 फ़रवरी 2026 तक किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य उच्च पर्वतीय क्षेत्र के किसानों को उच्च मूल्यवाली फसलें और संबंधित उद्यम के तकनीकी ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना था जिसके अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यान, क्षेत्रीय प्रदर्शन एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में चमोली जिलेके वान गाँव के 30 किसानों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ 02 फरवरी 2026 को नोडल अधिकारी, प्रशिक्षण डॉ. कुशाग्रा जोशी की उपस्थिति में हुआ।। प्रथम दिवस पर संस्थान की प्रौद्योगिकियों, जड़ी बूटियों का उत्पादन और रख रखाव, जैविक खाद बनाने की विधि, कुरुमुला कीट प्रबंधन, अन्य संभावित फसलों का उत्पादन, पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को संस्थान के संग्रहालय, अभियांत्रिकी कार्यशाला एवं प्रायोगिक खेतों का भ्रमण भी कराया गया। 

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03 फरवरी 2026 को निदेशक, भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा डॉ. लक्ष्मीकांत की उपस्थिति में किसानों के साथ पर्वतीय कृषि प्रणाली पर संवाद आयोजित किया गया। निदेशक महोदय ने बदलते वातावरण के परिवेश में पर्वतीय  कृषि प्रणाली को सशक्त एवं सुदृढ़ बनाने हेतु अपने विचार साझा  किए, साथ ही किसानों से आधुनिक तकनीकों जैसे डिजिटल विपणन को अपनाने और बाजार खोजने का आग्रह किया। दूसरे दिन आयोजित प्रशिक्षण में एकीकृत कृषि प्रणाली, कृषि यंत्रीकरण,सब्जियों की संरक्षित खेती तथा मशरूम उत्पादन तकनीक पर जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों को गोविंद बल्लभ पंत ‘राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्हें पर्यावरण प्रबंधन पद्धतियोंका व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। 4 फरवरी 2026 को प्रतिभागियों को प्रगतिशील कृषकों के खेतों में भ्रमण कराया गया। साथ ही किसानों से संवाद कर प्रशिक्षण पर उनकी प्रतिक्रियाएँ प्राप्त कीं और उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में अर्जित ज्ञान के प्रसार हेतु प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल कृषि एवं उद्यमशील भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

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कार्यक्रम का समापन नोडल अधिकारी, प्रशिक्षण डॉ. कुशाग्रा जोशी की उपस्थिति में प्रतिभागियों के प्रतिपुष्टि, प्रशिक्षण उपरान्त आकलन तथा प्रमाण-पत्र वितरण के साथ संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वयन भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के वैज्ञानिकों डॉ. अमित ठाकुर, डॉ. कामिनी बिष्ट, एवं डॉ. कुशाग्रा जोशी द्वारा किया गया।

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