उत्तराखंड 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे श्री हेमकुंड साहिब के कपाट
उत्तराखंड 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे श्री हेमकुंड साहिब के कपाट
अब तक रिकॉर्ड 2.38 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज के दरबार में टेका माथा
हेमकुंड ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से 10 अक्टूबर से पहले यात्रा पूरी करने की अपील की
उत्तराखंड के चमोली जनपद की उच्च हिमालयी लोकपाल भ्यूंडार घाटी में स्थित सिख धर्म के सुप्रसिद्ध आस्था केंद्र श्री हेमकुंड साहिब धाम की इस वर्ष की ग्रीष्मकालीन यात्रा आगामी 10 अक्टूबर को विधि-विधान के साथ संपन्न होगी। 10 अक्टूबर को धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि से पूर्व अपनी यात्रा अवश्य पूरी कर लें। गौरतलब है कि इस वर्ष 23 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। इस यात्रा सीजन में अब तक रिकॉर्ड तोड़ 2 लाख 38 हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र धाम में गुरु महाराज का आशीर्वाद ले चुके हैं।
ब्रह्मकमल से महकी घाटी, पर्यावरण संरक्षण का संदेश
इन दिनों हेमकुंड घाटी प्राकृतिक सौंदर्य से सराबोर है। विश्व प्रसिद्ध ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ में खिलने वाली विभिन्न प्रजातियों के दुर्लभ फूलों के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों की पहचान और उत्तराखंड का राज्य पुष्प ‘ब्रह्मकमल’ भी घाटी में बहुतायत में खिला हुआ है।
ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने गुरु धाम आने वाली संगत से घाटी की अलौकिक सुंदरता का आनंद लेने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया है।
15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है पवित्र धाम
समुद्र तल से 15 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित श्री हेमकुंड साहिब धाम सात बर्फ से ढकी पर्वत चोटियों और एक स्वच्छ हिमानी झील के बीच विराजमान है। सिख धर्म ग्रंथों (दसम ग्रंथ के ‘बचित्तर नाटक’) के अनुसार, इस पवित्र स्थान को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की पूर्व जन्म की तपस्थली माना जाता है।
प्रशासन और संगत का जताया आभार
ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने बताया कि 10 अक्टूबर के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी शुरू हो जाती है, जिसके कारण कपाट बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यात्रा के सफल संचालन के लिए उत्तराखंड सरकार, जिला प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बलों, भारतीय सेना, सेवादारों और समस्त संगत का हृदय से आभार व्यक्त किया।