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उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है. मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने आज 20 अगस्त को प्रदेश के देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है.

वहीं, राज्य के पर्वतीय इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर चलने को लेकर चेतावनी जारी की गई है. राजधानी देहरादून और बागेश्वर में कुछ स्थानों पर स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट, जबकि टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, चंपावत, पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर जैसे जिलों के लिए येलो अलर्ट प्रभावी रखा गया है. लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का जोखिम बढ़ गया है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है.

🌸मौसम विभाग के अनुसार राज्य भर में अगले 5 दिनों तक मानसून की गतिविधि सामान्य से तेज रहने के आसार हैं. 21 से 25 अगस्त तक प्रदेश के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है. मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलाधिकारियों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस को 24 घंटे मुस्तैद रहने का निर्देश जारी किया है. संवेदनशील इलाकों में बनाई गई बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.

🌸राजधानी देहरादून में मूसलाधार बारिश का खतरा
राजधानी देहरादून और इसके आसपास के क्षेत्रों में आज भी आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कुछ हिस्सों में बादलों की तेज गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना है. लगातार बारिश से शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बन सकती है, साथ ही सहस्रधारा और मालदेवता जैसे पहाड़ी हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है. जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से बरसाती नालों और रपटों के करीब न जाएं तथा मौसम की आधिकारिक अपडेट देखकर ही यात्रा शुरू करें.

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🌸पिथौरागढ़: धारचूला में बैली ब्रिज टूटा, तीन घाटियों और बॉर्डर का संपर्क कटा
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में मानसून आफत बनकर बरस रहा है. धारचूला क्षेत्र के कुलागाड़ में भारी बारिश और मलबे के दबाव के कारण बीआरओ द्वारा बनाया गया बैली ब्रिज टूटकर बह गया है. यह पुल बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि यह चीन और नेपाल सीमा को मुख्य मार्ग से जोड़ता था. पुल टूटने के चलते व्यास, दारमा और चौदास घाटी का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिससे बॉर्डर क्षेत्र की हजारों की आबादी को भारी आवाजाही संकट का सामना करना पड़ रहा है. सीमा सड़क संगठन और स्थानीय प्रशासन वैकल्पिक मार्ग तैयार करने में जुट गया है.

🌸उधम सिंह नगर: अगले 5 दिनों का येलो अलर्ट, बाढ़ चौकियों को किया गया सक्रिय
कुमाऊं मंडल के मैदानी जिले उधम सिंह नगर में पहाड़ और मैदान दोनों तरफ लगातार हो रही बारिश को देखते हुए अगले 5 दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. तराई क्षेत्र में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक उछाल आने की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है. खटीमा, सितारगंज, काशीपुर और रुद्रपुर के संवेदनशील जलभराव वाले क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस को गश्त बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि जल निकासी में कोई बाधा न आए.

🌸ऋषिकेश: बारिश थमी पर बरसाती नदियों में तेज बहाव, गंगा के जलस्तर पर नजर
तीर्थनगरी ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में कल शाम से तेज बारिश का दौर थमा है, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है. हालांकि, ऊपरी पहाड़ों में हो रही बारिश के कारण बरसाती नदियों और चंद्रभागा में पानी का तेज बहाव बना हुआ है. वहीं, त्रिवेणी घाट और अन्य घाटों पर गंगा नदी के जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गई है, लेकिन पानी का बहाव अभी भी तेज है. प्रशासन ने जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी हुई है और घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से नदी के गहरे पानी में न जाने और सावधानी बरतने की अपील की है.

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🌸चमोली: बद्रीनाथ हाईवे पर आवाजाही बहाल, नंदा नगर मार्ग पहाड़ी टूटने से बंद
चमोली में मंगलवार दोपहर बाद से बारिश रुकने के चलते पहाड़ों में लोगों को काफी राहत मिली है. बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर मलबा साफ कर इसे यातायात के लिए सुचारू कर दिया गया है, जिससे तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिली है. हालांकि, नंदप्रयाग से नंदा नगर (घाट) को जोड़ने वाले मुख्य मोटर मार्ग पर बारिश के चलते पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरक गया, जिससे सड़क पर भारी मलबा और बोल्डर आ गिरे हैं. इस कारण यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है. लोक निर्माण विभाग की जेसीबी और मशीनें मलबा हटाकर सड़क को जल्द खोलने के काम में लगी हुई हैं.

🌸बागेश्वर और नैनीताल: पहाड़ी इलाकों में तीव्र बारिश और बिजली गिरने की आशंका
कुमाऊं के पर्वतीय जिलों बागेश्वर और नैनीताल में मौसम विभाग ने भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की कड़ी चेतावनी दी है. बागेश्वर में कई संवेदनशील पहाड़ियों पर भूस्खलन की संभावना को देखते हुए तहसील स्तर के अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है. वहीं, नैनीताल जिले में भीमताल, भवाली और नैनीताल शहर के आसपास घने कोहरे और रुक-रुक कर भारी बौछारों के कारण विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है. पर्वतीय मार्गों पर वाहन चालकों को संभलकर चलने की सलाह दी गई है.

🌸21 से 25 अगस्त तक पूरे उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, 21 अगस्त को टिहरी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और देहरादून में भारी बारिश की संभावना रहेगी. 22 अगस्त को मानसून का असर चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चंपावत और टिहरी समेत लगभग सभी जिलों में तेज रहेगा और कई जगह आकाशीय बिजली गिरने के तीव्र दौर आ सकते हैं. 23 से 25 अगस्त तक पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बौछारों का दौर लगातार जारी रहेगा. तापमान की बात करें तो मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जबकि लगातार वर्षा के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम दर्ज किया जा रहा है.

 

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