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प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए खेल महाकुंभ की तैयारियां तेज हो गई हैं। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की ओर से खेल महाकुंभ मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्राफी के आयोजन की विस्तृत कार्ययोजना जारी कर दी गई है।

🌸एक सितंबर से शुरू होने वाला यह आयोजन 30 अक्टूबर तक चलेगा।

न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर प्रतियोगिताएं विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर तक पहुंचेंगी। विभिन्न आयु वर्गों के साथ महिला और दिव्यांगजन वर्ग में भी प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।

🌸ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

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निदेशक युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल दीप्ति सिंह ने आयोजन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत न्याय पंचायत स्तर की स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं एक से 10 सितंबर तक होंगी। इनमें अंडर-14 और अंडर-19 बालक-बालिका वर्ग में कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और मुर्गा झपट जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

इसके बाद 11 से 20 सितंबर तक विधानसभा क्षेत्र स्तर पर विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी होगी। इसमें वालीबॉल और पिट्टू सीधे तथा न्याय पंचायत स्तर पर चयन के आधार पर प्रतियोगिताएं होंगी।

🌸ग्रान्याय पंचायत से राज्य स्तर तक दो माह चलेंगी खेल प्रतियोगिताएं

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संसदीय क्षेत्र स्तर की सांसद चैंपियनशिप ट्राफी 21 से 30 सितंबर तक आयोजित होगी। इसमें मलखंब, रस्साकसी, गोली (कंचा), फुटबाल और बैडमिंटन की प्रतियोगिताएं सीधे तथा विधानसभा क्षेत्र स्तर से चयन के आधार पर कराई जाएंगी। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्राफी की प्रतियोगिताएं 10 सितंबर से 30 अक्टूबर तक चलेंगी।

‘खेल महाकुंभ का उद्देश्य प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को बेहतर मंच मिलेगा और खिलाड़ियों को राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिल सकेगा।’

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

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