Uttrakhand News:चंद्रयान 3 मिशन का हिस्सा बना उत्तराखण्ड का लाल,टीम में नैनीताल के जितेश निभा रहे हैं अहम भूमिका

ख़बर शेयर करें -

बुधवार से ही पूरा देश चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग का जश्न मना रहा है।इसरो की इस सफलता के दुनियां भर में चर्चे हो रहे हैं। भारत वो चौथा देश बन गया है, जो चांद पहुंचा है। इस उपलब्धि का श्रेय इसरो के उन वैज्ञानिकों को जाता है, जिन्होंने मिशन मून के लिए दिन रात मेहनत की है। इसरो के चंद्रयान-3 की टीम में उत्तराखंड का लाल भी शामिल है।

🔹नैनीताल जिले से है जितेश 

इसरो की इस महत्वाकांक्षी योजना में उत्तराखंड के जितेश धारियाल भी शामिल रहे।जितेश धारियाल नैनीताल जिले के लालकुआं के रहने वाले हैं। जितेश धारियाल का साल 2022 में ही इसरो चयन हुआ था। जितेश धारियाल इसरो में मैकेनिकल वैज्ञानिक के पद पर हैं।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:अल्मोड़ा में 24 जून से सजेगी 'जात्रा' द कसार फेस्टिवल की महफिल, साहसिक खेलों और संस्कृति का दिखेगा संगम

🔹जितेश मिशन के प्रमुख हिस्से में शामिल

जितेश का परिवार नैनीताल जिले के हल्दूचौड़ के दुर्गापालपुर मोतीराम में रहता है।उनके पिता सेंचुरी पेपर मिल से सेवानिवृत्ति हैं, जबकि माता गृहणी हैं।जितेश के पिता कैलाश धारियाल ने बताया कि चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग के दिन उनका बेटा मिशन के प्रमुख हिस्से में शामिल था। चंद्रयान की सफल लैंडिंग पर परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।आसपास के लोग घर पहुंचकर उन्हें बधाई दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  Bageshwar News:लीती गाँव, बागेश्वर में टूर मैनेजर प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ

🔹इसरो में मैकेनिकल वैज्ञानिक पद पर तैनात है जितेश 

उन्होंने बताया कि बेटा पहले से ही होनहार है। जितेश ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई आर्यमन विक्रम बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ लर्निंग हल्द्वानी से की, जहां से वो 93.8 प्रतिशत अंक से उत्तीर्ण हुए थे।इसके बाद एनआईसी कुरुक्षेत्र से बीटेक किया।इसके बाद जितेश इंद्रप्रस्थ गैस कंपनी में डिप्टी मैनेजर के पद पर तैनात थे। इसके बाद उनका चयन 9 जून 2022 को इसरो में हो गया था।आज वो इसरो में मैकेनिकल वैज्ञानिक पद पर तैनात हैं।