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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत उत्तराखंड में लाभार्थियों के सत्यापन अभियान के दौरान 80,355 अपात्र राशन कार्डधारकों को सूची से हटाया गया है।

केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य को योजना के तहत औसतन 4.01 लाख टन (401.459 हजार टन) खाद्यान्न आवंटित किया गया, जबकि खाद्यान्न परिवहन और उचित दर विक्रेताओं के मार्जिन के लिए लगभग 250 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

🌸80,355 अपात्र लाभार्थियों की हुई पहचान

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यह जानकारी उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंती भाई बांभणिया ने राज्यसभा में डा. नरेश बंसल के अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। केंद्र सरकार के अनुसार, उत्तराखंड में राइटफुल टारगेटिंग अभियान के तहत लगभग 8.5 लाख लाभार्थियों का सत्यापन किया गया, जिसमें 80,355 अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सूची से हटा दिया गया।

वहीं देशभर में करीब 60 लाख लाभार्थियों का सत्यापन हुआ और 23.5 लाख अपात्र लाभार्थियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से बाहर किया गया। बताया कि पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए रियल-टाइम सत्यापन आर्किटेक्चर लागू किया गया है।

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इसके तहत पीएमजीकेएवाई के लाभार्थी डेटाबेस का मिलान कारपोरेट कार्य मंत्रालय, आयकर विभाग, जीएसटी नेटवर्क, पीएफएमएस, ईपीएफओ, परिवहन मंत्रालय के वाहन डेटाबेस, कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टैक, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, रेलवे और डाक विभाग सहित विभिन्न केंद्रीय डेटाबेस से किया जा रहा है। डा. नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना उत्तराखंड सहित देश के करोड़ों गरीब परिवारों के लिए संजीवनी साबित हुई है।

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