#पिथौरागढ़ मानसखंड मंदिर माला मिशन: जिलाधिकारी ने दिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, गुणवत्ता से समझौता करने पर होगी कड़ी कार्रवाई*
#पिथौरागढ़ मानसखंड मंदिर माला मिशन: जिलाधिकारी ने दिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, गुणवत्ता से समझौता करने पर होगी कड़ी कार्रवाई*
पिथौरागढ़ मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत जनपद में प्रस्तावित धार्मिक स्थलों के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण कार्यों को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्यों की गुणवत्ता से समझौता किया गया या किसी स्तर पर लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
निगरानी और समन्वय पर विशेष जोर
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निम्नलिखित मुख्य निर्देश दिए:
उपजिलाधिकारियों को जिम्मेदारी:सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी करेंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही दिखने पर तत्काल रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजी जाएगी।
मंदिर समितियों से समन्वय: पर्यटन विभाग और कार्यदायी संस्थाएं स्थानीय मंदिर समितियों से बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करेंगी।
एनओसी (NOC) की प्रक्रिया: जिन कार्यों के लिए विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता है, उन्हें आपसी समन्वय स्थापित कर शीघ्र प्राप्त किया जाए ताकि काम में बाधा न आए।
आगणन (Estimates) जल्द हों पूरे:प्रस्तावित कार्यों के आगणन प्राथमिकता के आधार पर तैयार किए जाएं ताकि निर्माण स्वीकृति में देरी न हो।
“मानसखंड मंदिर माला मिशन राज्य सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का कायाकल्प कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।”
तीन चरणों में संवरेंगे 15 मंदिर
बैठक के दौरान पर्यटन उपनिदेशक अतुल भंडारी ने जनपद में मिशन की अद्यतन प्रगति की जानकारी साझा की:
कुल चयनित मंदिर: पिथौरागढ़ जनपद के कुल 15 मंदिरों को इस योजना में शामिल किया गया है।
प्रथम चरण पाताल भुवनेश्वर मंदिर और हाटकालिका मंदिर में कायाकल्प व सौंदर्यीकरण का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।
द्वितीय चरण:5 अन्य मंदिरों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
तृतीय चरण:अंतिम चरण में 8 मंदिरों का कायाकल्प किया जाएगा।
इस समीक्षा बैठक में संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों ने भौतिक रूप से तथा उपजिलाधिकारियों ने वर्चुअली (ऑनलाइन) माध्यम से प्रतिभाग किया।