Uttrakhand News :”चारधाम यात्रा 2026 का शंखनाद: चारों धामों के कपाट खुले, श्रद्धालुओं का सैलाब और सरकार के सामने सुव्यवस्थित यात्रा की चुनौती”
चारधाम यात्रा शुरू…..!
“हर-हर महादेव से लेकर जय बद्री विशाल तक… 2026 की चारधाम यात्रा का शंखनाद हो चुका है। चारों धामों के कपाट अब भक्तों के लिए खुल गए हैं।” ओर सरकार सामने इस यात्रा को सुव्यवस्थित संचालित करना ओर यात्रियों की यात्रा को ओर सुगम बनाना चुनौती होगी …. क्योंकि अब तक यात्रा पर आए लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने धामों में दर्शन कर लिए है । चारधाम यात्रा पर देखिए हमारी खास रिपोर्ट …!
“सबसे पहले 19 अप्रैल, अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुले। गंगोत्री में दोपहर 12:15 बजे शुभ मुहूर्त पर कपाट खोले गए। यमुनोत्री में दोपहर 12:35 पर वैदिक मंत्रों के साथ द्वार खुले।” उसके बाद “22 अप्रैल को सुबह 8 बजे बाबा केदार के कपाट खुले। जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से 3584 मीटर है और यह ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। जिसमे मान्यता है कि यहां दर्शन से मोक्ष मिलता है । आज, 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे भगवान विष्णु के धाम बद्रीनाथ के कपाट भी खुल गए। ये 108 दिव्य देशम में से एक पवित्र तीर्थ है।” आपको बता दे कि “चारधाम यात्रा से पहले रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 6 मार्च से शुरू हो चुका है। ऑफलाइन काउंटर हरिद्वार, ऋषिकेश, विकासनगर में लगे हुए है। आपको बता दे कि अगर आप भी यात्रा पर जा रहे हैं, तो रजिस्ट्रेशन ओर मेडिकल चेकअप जरूर करवा लीजिएगा .. क्योंकि 55 साल से ऊपर के व्यक्ति को मेडिकल जांच रिपोर्ट अपने पास रखना अनिवार्त होगा। साथ ही सलाह यह है कि मौसम अपडेट जरूर चेक करें और जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप अपनी यात्रा सुगम बनाए।
धाम का नाम कपाट खुलने की तिथि शुभ समय मुख्य देवता/खास बात
यमुनोत्री 19 अप्रैल 2026, रविवार दोपहर 12:35 बजे माँ यमुना, सूर्यपुत्री
गंगोत्री19 अप्रैल 2026, रविवार दोपहर 12:15 बजे माँ गंगा, भागीरथी
केदारनाथ 22 अप्रैल 2026, बुधवार प्रातः 08:00 बजे भगवान शिव, 12वां ज्योतिर्लिंग
बद्रीनाथ23 अप्रैल 2026, गुरुवार प्रातः 06:15 बजे भगवान विष्णु, 108 दिव्य देशम
1. रजिस्ट्रेशन जरूरी: बिना रजिस्ट्रेशन एंट्री नहीं मिलेगी। आधिकारिक पोर्टल या मोबाइल ऐप से करें।
2. रूट गाइड:
– यमुनोत्री: ऋषिकेश > बड़कोट > जानकीचट्टी > 6 किमी पैदल
– गंगोत्री:ऋषिकेश > उत्तरकाशी > गंगोत्री, पूरी मोटर रोड
– केदारनाथ: ऋषिकेश > सोनप्रयाग > गौरीकुंड > 16 किमी पैदल/घोड़ा/हेली
– बद्रीनाथ: ऋषिकेश > जोशीमठ > बद्रीनाथ, पूरी मोटर 3. महत्व: चारधाम यात्रा से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष मिलता है। लाखों श्रद्धालु हर साल जाते हैं।
4. नया अपडेट: गंगोत्री धाम में दर्शन का समय 2 घंटे बढ़ा। अब सुबह 6 से शाम 4 बजे ।
5. गंगोत्री धाम 19 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 20008 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए,
6. यमुनोत्री धाम 19 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 21768 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए,
7. केदारनाथ धाम 22 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद 38 हजार श्रद्धालुओं ने धाम में दर्शन किए,
8. बद्रीनाथ धाम धाम में कपाट खुलने के समय 15 हजार से ज्यादा श्रद्धालु मौजूद रहे,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट उद्घाटन के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर तथा आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने हेतु हर स्तर पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है।
मुख्यमंत्री ने देश विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से हरित एवं स्वच्छ चारधाम यात्रा में सहयोग करने का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा।
भोपाल राम टम्टा , थराली विधायक
अभियुक्तेश्रानंद, सरस्वती शंकरचार्य ज्योतिमठ
चार धाम यात्रा की शुरुआत के साथी विपक्ष के आक्रामक जुबानी हमले शुरू हो चुके हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा की यात्रा को लेकर सरकार ना तो पहले गंभीर थी और ना इस बार गंभीर दिख रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यात्रा को लेकर व्यवस्थाएं सही नहीं है।
गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
फाइनल वि ओ __
राज्य की सुप्रसिद्ध चारधाम यात्रा वैसे तो लाखों परिवारों की आजीविका का मुख्य स्त्रोत है …. लेकिन सरकार प्रशासन के लिए दोहरी चुनौती भी है। ऐसे में अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रशासन कैसे इस यात्रा को शुभ अवस्थित कर पाती है और लाखों यात्रियों की यात्रा सुरक्षित पर सुगम बन पाती है।
देहरादून से तुषार की रिपोर्ट।
