अल्मोड़ा: आंचल दुग्ध डेयरी का एटीएम शोपीस बना, उपभोक्ताओं की बढ़ी मुश्किलें

अल्मोड़ा: आंचल दुग्ध डेयरी का एटीएम शोपीस बना, उपभोक्ताओं की बढ़ी मुश्किलें

*अल्मोड़ा।* शहर में आधुनिक दुग्ध आपूर्ति के दावे उस समय हवा होते नजर आए जब नगर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित आंचल दुग्ध एटीएम तकनीकी खराबी के चलते ठप पड़ गए। पिछले कुछ समय से इन एटीएम मशीनों के काम न करने के कारण स्थानीय नगरवासियों को समय पर दूध नहीं मिल पा रहा है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।

डिजिटल सेवा पर भारी पड़ी तकनीकी खराबी
उत्तराखंड सहकारी दुग्ध संघ (आंचल) द्वारा उपभोक्ताओं को 24 घंटे शुद्ध और ताजा दूध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ये एटीएम स्थापित किए गए थे। शुरुआत में यह योजना काफी सफल रही, लेकिन रखरखाव के अभाव में अब ये मशीनें सफेद हाथी साबित हो रही हैं।

समय की बर्बादी जो लोग सुबह की चाय और बच्चों के दूध के लिए इन मशीनों पर निर्भर थे, उन्हें अब लंबी कतारों या वैकल्पिक दुकानों की तलाश में भटकना पड़ रहा है।
सिक्के और कार्ड का फंसाव कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि कभी मशीन कार्ड स्वीकार नहीं करती, तो कभी पैसे कटने के बाद भी दूध की आपूर्ति नहीं होती।

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*आपूर्ति श्रृंखला में बाधा  एटीएम फेल होने से उन कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है जो सुबह जल्दी या देर शाम ड्यूटी से लौटते समय दूध लेते थे।नगरवासियों की बढ़ती परेशानियां*

स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन और दुग्ध संघ को इस समस्या से कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। मोहल्ला निवासियों का कहना है कि:

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डिजिटल इंडिया के दौर में जब हम कैशलेस सुविधाओं की ओर बढ़ रहे हैं, तब बुनियादी सुविधाओं जैसे दूध के लिए घंटों इंतजार करना या मशीन का खराब मिलना बेहद निराशाजनक है।”

 समाधान की दरकार*

दुग्ध सेवा एक अनिवार्य सेवा की श्रेणी में आती है। यदि समय पर एटीएम को ठीक नहीं किया गया, तो न केवल विभाग की छवि धूमिल होगी, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी इन आधुनिक सुविधाओं से उठ जाएगा।
मुख्य मांगें

सभी बंद पड़े मिल्क एटीएम की तत्काल *तकनीकी जांच और मरम्मत* की जाए।
तकनीकी खराबी की स्थिति में वैकल्पिक *मैनुअल वितरण* की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
मशीनों के पास हेल्पलाइन नंबर चस्पा किए जाएं ताकि उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।

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