Uttrakhand News :सहस्त्रताल की ट्रैकिंग के दौरान लापता चार ट्रैकर्स के शव लाए गए भटवाड़ी,नौ ट्रैकरों ने गवाई जान

0
ख़बर शेयर करें -

उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित सहस्त्रताल की ट्रैकिंग के दौरान मौसम खराब होने के चलते रास्ता भटकने से नौ ट्रैकरों ने जान गंवा दी। सूचना मिलने पर प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चलाकर 13 ट्रैकरों को सुरक्षित निकाल लिया।

इनमें से 11 को एयरलिफ्ट किया गया था। दो को वन विभाग की टीम पैदल लेकर पहुंची। पांच के शव बुधवार को ही मिल गए थे, जबकि लापता चार ट्रैकर्स के शव आज भटवाड़ी लाए गए। रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त होने पर एसडीआरएफ की टीम भी उत्तरकाशी पहुंच गई है l

टीम के अनुसार, आज वेंकटेश प्रसाद (53), पदमांधा कृष्णमूर्ति (50), अनिता रंगप्पा (60) और पद्मिनी हेगड़े (34) के शव लाए गए हैं। जबकि सिंधु वाकेलाम, आशा सुधाकर, सुजाता मुंगरवाडी, विनायक मुंगुरवाडी और चित्रा प्रणीत के शव बुधवार को लाए गए थे।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:उत्तराखंड में MSME को मिलेगी 4,000 एकड़ भूमि: 50 हजार करोड़ निवेश और 1 लाख रोजगार का लक्ष्य

💠सुरक्षित निकाले गए ट्रैकर्स
1.सौम्या कनाले
2.स्मृति डोलस
3.शीना लक्ष्मी
4.एस शिवा ज्योति
5.अनिल जमतीगे अरुणाचल भट्ट
6.भारत बोम्मना गौडर
7.मधु किरण रेड्डी
8.जयप्रकाश बीएस
9.एस सुधाकर
10.विनय एमके
11.विवेक श्रीधर
12.नवीन ए
13.रितिका जिंदल

💠ये था मामला

बीते 29 मई को कर्नाटक और महाराष्ट्र के ट्रैकरों का 22 सदस्यीय दल मल्ला-सिल्ला से कुश कल्याण बुग्याल होते हुए सहस्त्रताल की ट्रैकिंग के लिए रवाना हुआ था। दो जून को दल सहस्त्रताल के कोखली टॉप बेस कैंप पहुंचा था। इनमें से 20 ट्रैकर्स तीन जून को सहस्त्रताल के लिए रवाना हुए थे, लेकिन अचानक मौसम खराब होने से घने कोहरे और बर्फबारी के बीच सभी फंस गए। समुचित व्यवस्था नहीं होने से पूरी रात उन्हें ठंड में काटनी पड़ी थी। जिसके चलते नौ ट्रैकर्स की मौत हो गई।

यह भी पढ़ें 👉  बारिश का बहाना नहीं चलेगा, सड़कें तुरंत गड्ढामुक्त करें: जिलाधिकारी पिथौरागढ़ सड़कों की बदहाली पर जिलाधिकारी आशीष भटगांई सख्त; अफसरों को चेताया—जनता मिलन में शिकायत मिली तो तय होगी जवाबदेही

💠बीते कुछ वर्षों में ट्रैकिंग के दौरान हुए हादसे

वर्ष 2021-आईटीबीपी की लंबी दूरी पेट्रोलिंग के दौरान हिमस्खलन के कारण तीन पोर्टरों की मौत
वर्ष 2021-लमखागा-छितकुल ट्रैक पर हिस्खलन के कारण सात की मौत
वर्ष 2022-द्रोपदी का डांडा-2 चोटी आरोहण के दौरान हिमस्खलन-28 की मौत, एक लापता।
वर्ष 2023-रुनसारा ताला ट्रैक मोरी में तबीयत बिगड़ने से दो ट्रैकर की मौत।
वर्ष 2023-गंगोत्री-कालिंदीखाल ट्रैक पर तबीयत बिगड़ने से एक ट्रैकर की मौत। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *