Uttrakhand News:घटिया सड़क निर्माण पड़ेगा महंगा: दुर्घटना में मौत या अपंगता पर ठेकेदारों पर लगेगा 50 लाख तक का जुर्माना
सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता अब ठेकेदारों के लिए महंगा साबित हो सकता है। राज्य सरकार जनविश्वास अधिनियम के तहत तकनीकी खामियों से होने वाली दुर्घटनाओं में ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करने की योजना बना रही है।
सड़क की तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना में मौत या अपंगता होने पर ठेकेदार पर अधिकतम 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसके लिए राज्य स्तर पर नियमावली बनाई जाएगी।
प्रदेश में लगातार सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। इन दुर्घटनाओं का एक कारण सड़क में तकनीकी खामी होना भी है। वहीं, मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 210 डी के तहत राज्य सरकार को स्थानीय और राज्य सड़कों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार प्राप्त है।
जनविश्वास एक्ट में सड़कों की तकनीकी खराबी के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ ही ठेकेदार की भी जिम्मेदारी तय की गई है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना के लिए 50 लाख तक के आर्थिक दंड व ब्लैक लिस्ट करने का प्रविधान है।
अब इसे राज्य स्तर पर भी लागू करना है। जिससे सड़क की डिजाइन, निर्माण गुणवत्ता, रखरखाव अथवा अन्य तकनीकी कारणों की जांच के बाद जिम्मेदारी निर्धारित की जा सकेगी।
यदि दुर्घटना का कारण सड़क की तकनीकी खामी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकेगी। अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह का कहना है कि इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
🌸राज्य स्तर पर बनेगा मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड
ठेकेदार से वसूल किए जाने वाले जुर्माने की राशि मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड में जमा की जाएगी। राज्य स्तर पर यह फंड बनाया जाएगा। इसी के माध्यम से दुर्घटना में प्रभावित व्यक्तियों अथवा उनके स्वजन को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। इससे सड़क की खामी के कारण जान गंवाने या अपंग होने वाले व्यक्तियों के परिवारों को राहत मिल सकेगी।