Pithoragarh News:जिलाधिकारी की अभिनव पहल : बेटियों के नाम से होगी घरों की पहचान, पिथौरागढ़ में शुरू होगा “मेरी चेली म्यार घरै पछयांण” अभियान

0
ख़बर शेयर करें -

लिंगानुपात सुधार की दिशा में डीएम का बड़ा कदम, कनालीछीना से शुरू होगा “मेरी चेली म्यार घरै पछयांण”

🌸बालिका जन्म को बढ़ावा देने जिलाधिकारी की अनोखी पहल, बेटियों के नाम से चमकेंगे घर

🌸बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत पिथौरागढ़ में अभिनव पहल: “मेरी चेली म्यार घरै पछयांण” कार्यक्रम का शुभारम्भ कनालीछीना से

जिलाधिकारी महोदय पिथौरागढ़ की पहल से जनपद में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने एवं समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से एक अभिनव पहल “मेरी चेली म्यार घरै पछयांण” कार्यक्रम का शुभारम्भ कनालीछीना विकासखण्ड से किया जाएगा।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत बालिका के जन्म पर उसके परिवार के घर की पहचान बालिका के नाम से की जाएगी। संबंधित परिवार को बालिका के नाम की पट्टिका महिला एवं बाल विकास विभाग, पिथौरागढ़ द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे घर के बाहर स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बालिका के प्रति गर्व एवं सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करना तथा समाज में यह संदेश देना है कि बेटियां परिवार और समाज की शान हैं।

यह भी पढ़ें 👉  Big breking देहरादून में बड़ी कार्रवाई, पूर्व मुख्य सचिव के बेटे यशवर्धन पर कसा पुलिस का शिकंजा

उल्लेखनीय है कि जनपद में पुरुषों की तुलना में महिलाओं का लिंगानुपात अपेक्षाकृत कम है, विशेष रूप से बालकों की तुलना में बालिकाओं का लिंगानुपात चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है। इस पृष्ठभूमि में यह कार्यक्रम बालिका जन्म को बढ़ावा देने, कन्या भ्रूण हत्या की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा लैंगिक समानता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

यह भी पढ़ें 👉  'सपनों की घाटी' में जिंदगी दांव पर: उत्तरकाशी के हरकी दून में मानव श्रृंखला बनाकर उफनते गदेरे पार करने को मजबूर ग्रामीण पूरी खबर कमेंट बॉक्स पर

जिलाधिकारी ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सम्मान के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा समाज में यह संदेश प्रसारित किया जाएगा कि बेटी किसी से कम नहीं है।

जिला प्रशासन द्वारा अपेक्षा की गई है कि इस पहल में जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन एवं आम नागरिक सक्रिय सहभागिता निभाएंगे, जिससे बेटियों के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो सके और जनपद को बालिका संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक नई पहचान मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *