पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने कुलपति डॉ. सतपाल सिंह बिष्ट से की मुलाकात, शिक्षा के विस्तार और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर हुई विस्तृत चर्चा

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पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने कुलपति डॉ. सतपाल सिंह बिष्ट से की मुलाकात, शिक्षा के विस्तार और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर हुई विस्तृत चर्चा

 

 

 

अल्मोड़ा। पूर्व दर्जा मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बिट्टू कर्नाटक ने सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) सतपाल सिंह बिष्ट से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विश्वविद्यालय के समग्र विकास, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, युवाओं के लिए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के विस्तार तथा फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट की संभावनाओं सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

 

 

 

रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े शिक्षा प्रणाली

वार्ता के दौरान बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि इसे रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को ऐसे पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाने चाहिए, जिनके माध्यम से वे स्थानीय स्तर पर ही आजीविका अर्जित कर सकें और उन्हें पलायन के लिए मजबूर न होना पड़े।

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उन्होंने विश्वविद्यालय में निम्नलिखित क्षेत्रों में नए और व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया:

  • पर्यटन एवं आतिथ्य: पर्यटन, होटल प्रबंधन, एडवेंचर टूरिज्म, फूड क्राफ्ट।
  • तकनीक एवं नवाचार: डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस।
  • स्वास्थ्य एवं परंपरा: योग एवं वेलनेस, औषधीय एवं सुगंधित पौधे, जैविक खेती।
  • कौशल व उद्योग: कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) और उद्यमिता विकास।

 

 

 

 

फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट और उद्योग साझेदारी पर जोर

बैठक में फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट के प्रभावी संचालन पर भी चर्चा हुई। श्री कर्नाटक ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की मांग बढ़ रही है। ऐसे में इंस्टीट्यूट को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित कर उद्योगों से साझेदारी, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।

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उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप नवाचार, शोध और स्थानीय संस्कृति, लोककला, पारंपारिक ज्ञान तथा हिमालयी अध्ययन को बढ़ावा देना चाहिए।

 

 

 

कुलपति ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया

कुलपति प्रो. (डॉ.) सतपाल सिंह बिष्ट ने सभी सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपयोगी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट शिक्षण एवं शोध केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

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