*अल्मोड़ा: न्याय के देवता चितई गोलू महाराज के दरबार में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए पुलिस ने संभाली कमान*

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अल्मोड़ा: न्याय के देवता चितई गोलू महाराज के दरबार में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए पुलिस ने संभाली कमान*

*अल्मोड़ा।* उत्तराखंड के प्रसिद्ध पौराणिक मंदिरों में से एक, अल्मोड़ा स्थित ‘न्याय के देवता’ चितई गोलू मॉर्फिक मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं का भारी तांता लगा हुआ है। दूर-दूर से अपनी मन्नतें लेकर पहुंच रहे भक्तों की लंबी-लंबी कतारें मंदिर परिसर में देखने को मिल रही हैं। लगातार बढ़ती इस भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खुद मोर्चा संभाल लिया है।

यातायात व्यवस्था से लेकर मंदिर के भीतर सुरक्षा और दर्शन की कमान एस एस आई रमेश बोरा के हाथों में है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस के पुख्ता इंतजाम
बढ़ती भीड़ के बीच किसी भी अप्रिय स्थिति या अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:

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एस एस आईं रमेश बोरा ने बताया कि मंदिर में उमड़ रही भारी भीड़ को नियंत्रित करने और सभी को शांतिपूर्वक दर्शन कराने के लिए कतार (लाइन) व्यवस्था लागू की गई है।
मंदिर मार्ग पर पर्यटकों और स्थानीय वाहनों के कारण जाम की स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस लगातार यातायात को सुचारू बनाने में जुटी हुई है। वाहनों के आवागमन और पार्किंग के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देवभूमि आने वाले किसी भी श्रद्धालु या पर्यटक को मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
*“लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए पुलिस द्वारा जहां लाइन लगवाकर व्यवस्थित ढंग से दर्शन कराए जा रहे हैं, वहीं वाहनों की सुचारू आवाजाही को लेकर भी पुलिस टीम लगातार मुस्तैद है। हमारा प्रयास है कि यहां आने वाले हर श्रद्धालु को एक सुखद और सुरक्षित माहौल मिले।”*

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आस्था का केंद्र है चितई गोलू मंदिर
मान्यता है कि चितई गोलू महाराज के दरबार में जो भी भक्त अपनी अर्जी (चिट्ठी) लिखकर लगाता है, उसे न्याय जरूर मिलता है। यही वजह है कि यहां सालों भर भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन पर्यटन सीजन और छुट्टियों के दौरान यह भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। पुलिस प्रशासन की इस मुस्तैदी की वजह से अब श्रद्धालु भी बिना किसी परेशानी के सुगमता से न्याय के देवता के दर्शन कर पा रहे हैं।

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