Uttrakhand News:उत्तराखंड में भारी बारिश: अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी स्तर के पार, केदारनाथ यात्रा रोकी गई

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उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते बुधवार सुबह अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी (वार्निंग) स्तर से ऊपर पहुंच गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र की जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन ने नदी तटों से दूर रहने की अपील करते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार जिले में मौसम वर्षामय बना हुआ है। बीते 24 घंटों में ऊखीमठ तहसील में सर्वाधिक 37.50 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि रुद्रप्रयाग में 10.00 मिमी और जखोली में 12.00 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

बुधवार सुबह 7 बजे दर्ज आंकड़ों के अनुसार अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.80 मीटर दर्ज किया गया, जो 626.00 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर है और खतरे के निशान 627.00 मीटर के बेहद करीब पहुंच चुका है।

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वहीं मंदाकिनी नदी का जलस्तर 625.50 मीटर दर्ज किया गया, जो 625.00 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर बह रहा है। गंगानगर और गौरीकुंड में जलस्तर फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे है।

🌸जिले में लगातार बारिश, अलकनंदा-मंदाकिनी चेतावनी स्तर से ऊपर

नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार लोगों को नदी किनारों से दूर रहने और अनावश्यक रूप से नदी के समीप न जाने की अपील की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

🌸सिल्ली में हाईवे बंद, केदारनाथ यात्रा रोकी गई

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बारिश के कारण सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। एनएच-107 सिल्ली के पास अवरुद्ध होने से श्रीकेदारनाथ यात्रा को एहतियातन आंशिक रूप से रोक दिया गया है। इसके अलावा एक राष्ट्रीय राजमार्ग, सात राज्य मार्ग, चार लोक निर्माण विभाग (PWD), चार पीएमजीएसवाई तथा एक एनपीसीसी मार्ग भी विभिन्न स्थानों पर प्रभावित हैं।

🌸सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश

जिला प्रशासन ने सभी विभागों को किसी भी संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए उच्चतम स्तर की तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी आपदा, दुर्घटना अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र को उपलब्ध कराएं।

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