अल्मोड़ा: डीएम अंशुल सिंह का कड़ा रुख—न्यायिक मामलों के त्वरित निस्तारण और खाद्य सुरक्षा जांच में न बरतें लापरवाही
अल्मोड़ा: डीएम अंशुल सिंह का कड़ा रुख—न्यायिक मामलों के त्वरित निस्तारण और खाद्य सुरक्षा जांच में न बरतें लापरवाही
अल्मोड़ा। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण स्टाफ बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के न्यायिक वादों, कर संग्रहण और विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और राजस्व वसूली के कार्यों में तेजी लाई जाए।
अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित एवं निस्तारित वादों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि जून माह के अंत तक बीएनएस (BNS)/आईपीसी (IPC) के 407 मामले लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने इन मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में एनडीपीएस (NDPS) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम से संबंधित संवेदनशील मामलों की भी गहनता से समीक्षा की गई।
इसके अलावा, जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी लंबित मजिस्ट्रियल जांचों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा करने को कहा। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत की जा रही कार्रवाई पर चर्चा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को खाद्य प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
राजस्व, पुलिस, आबकारी और जीएसटी सहित अन्य विभागों के कामकाज की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व प्राप्तियों में बढ़ोतरी, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और अंतर-विभागीय समन्वय के साथ काम करने पर विशेष जोर दिया।
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, डीएफओ प्रदीप धौलाखंडी, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, संयुक्त मजिस्ट्रेट (रानीखेत) दीक्षिता जोशी, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और कलेक्ट्रेट का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।