ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक दीवान कनवाल का निधन हो गया है।

उनकी मधुर आवाज़़ और पहाड की खूशब् से भरे गीत हमेशा लोगों के दिलोंमेंगूंजते रहेंग। उन्होंने अपने संगीत से उत्तराखंड की संस्कृति और लोकगीतों को हर दिल तक पहुँचाया। उनका इस तरह अचानक चले जाना संगीत जगत और पहाड के लिए बहुत बड़ी क्षति है।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:आत्मनिर्भर उत्तराखंड का रोडमैप: कृषि, उद्योग और पर्यटन बनेंगे राज्य की प्रगति के तीन 'ग्रोथ ड्राइवर्स'

दीवान कनवाल उत्तराखंड की लोक संस्कृति के एक सच्चे सपूत थे। उनकी आवाज़ में कुमाऊँ की वादियों की ठंडक, पहाड़ों की पुकार, प्रेम की मिठास और विरह की पीड़ा सब कुछ समाया हुआ था। गीत जैसे “आज कु छे मेत जा” “हिट मेरी रंगीली”, “त्यार पहाड म्यार पहाड़” और कई अन्य आज भी लोगों के दिलों में गूंजते हैं, और यकीन मानिए, ये हमेशा गूंजते रहेंगे। उनके गीत सिर्फ़़ संगीत नहीं थे – वे उत्तराखंड की पहचान, परंपराओं, भावनाओं और जीवन दर्शन का जीवंत दस्तावेज़ थे। उनके निधन पर विभिन्न जगत के लोगोंने दुख जताया है।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:हिमालय O-2 टिहरी लेक फेस्टिवल: ऋषिकेश में राफ्टिंग प्रतियोगिता का रोमांच, रेड चिल्ली और GMVN रहे अव्वल

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *