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देवभूमि उत्तराखंड में मानसून का मिजाज बेहद सख्त बना हुआ है और राज्य में आफत की बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र द्वारा जारी 12 अगस्त के आधिकारिक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आज राज्य के टिहरी और बागेश्वर जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.

इसके अलावा उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत तमाम पहाड़ी जिलों में आकाशीय बिजली चमकने, गर्जना होने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर चलने की गंभीर आशंका जताई गई है. पिछले 24 घंटों में खानपुर में सर्वाधिक 108 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिससे मैदानी से लेकर पहाड़ी इलाकों तक नदियां और गाड़-गधेरे (नदी-बरसाती नाले) उफान पर हैं. मौसम विभाग ने आम जनता, श्रद्धालुओं और यात्रियों को पहाड़ी रास्तों पर बेहद सतर्कता बरतने की सलाह दी है.

🌸पहाड़ों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिशके चलते संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और लैंडस्लाइड का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, 12 और 13 अगस्त को राज्य में छिटपुट भारी बारिश और हल्की से मध्यम बारिश का क्रम जारी रहेगा, जबकि 14 अगस्त से मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रुख अपना सकता है. 14 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में 🌸अत्यंत भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का ऑरेंज/रेड अलर्ट जारी किया गया है. चमोली जिले की नीति घाटी में सोमवार शाम को हुए दर्दनाक हादसे में बादल फटने से बीआरओ का 40 मीटर लंबा पुल बह गया है और एक हवलदार लापता है. इस आपदा के कारण 13-14 सीमावर्ती गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य के पहाड़ी जिले इस समय मौसम के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं.

🌸नीति घाटी में बादल फटने से तबाही, पिथौरागढ़ में बंद हुए स्कूल
उत्तराखंड के चमोली जिले से आपदा की बड़ी खबर सामने आई है. सीमांत नीति घाटी के नमक क्षेत्र में सोमवार शाम बादल फटने से अचानक आया सैलाब अपने साथ भारी मात्रा में मलबा और तबाही लेकर आया. इस भीषण तबाही में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का 40 मीटर लंबा पुल तिनके की तरह बहकर धौली गंगा नदी में समा गया, जिससे 13 से 14 सीमांत गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है. हादसे के वक्त वहां तैनात बीआरओ का एक हवलदार मलबे की चपेट में आने से लापता हो गया है, जिसकी खोजबीन के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

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दूसरी तरफ, पिथौरागढ़ जिले में बीती रात से जारी लगातार भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं. पिथौरागढ़ और डीडीहाट में सभी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया है. जिले में लगातार हो रहे लैंडस्लाइड के कारण 18 मुख्य और ग्रामीण सड़कें मलबे से पट गई हैं और आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद हो चुकी हैं.

🌸टिहरी और बागेश्वर में आज भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के मुताबिक 12 अगस्त को टिहरी गढ़वाल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है. टिहरी में 11 अगस्त की शाम से ही मौसम ने अचानक करवट ली और झमाझम मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया. यद्यपि बारिश से तापमान गिरा है और मौसम सुहावना हुआ है, लेकिन पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा गहरा गया है.

बागेश्वर जिले में भी देर रात से रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी है. बागेश्वर के पहाड़ी और नदी किनारे वाले इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. इसके अतिरिक्त राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में अनेक स्थानों पर गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं.

🌸देहरादून, चमोली और केदारनाथ घाटी में मौसम का मिजाज
राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की है. देहरादून के मैदानी और पर्वतीय दोनों क्षेत्रों में बारिश के तेज दौर देखने को मिल सकते हैं. 14 अगस्त को देहरादून में अति तीव्र बारिश की चेतावनी दी गई है. पहाड़ी क्षेत्रों में बद्रीनाथ, केदारनाथ, भटवारी, गमशाली, मुनस्यारी, सीपू और जोशीमठ जैसे धार्मिक व पर्यटन स्थलों के आसपास हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में बहुत तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है. चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम का ताजा हाल देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं, क्योंकि संवेदनशील मार्ग भूस्खलन के कारण बाधित हो सकते हैं.

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🌸हरिद्वार और उधम सिंह नगर में मौसम का हाल
मैदानी जिलों हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है. पिछले 24 घंटों के भीतर हरिद्वार जिले के खानपुर क्षेत्र में रिकॉर्ड 108 एमएम बारिश दर्ज की गई, जिसने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है. 12 और 13 अगस्त को उधम सिंह नगर और हरिद्वार जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है. हालांकि 14 अगस्त को मैदानी जिलों में भी मूसलाधार बारिश का प्रभाव देखने को मिलेगा, जिससे नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है.

🌸14 से 17 अगस्त तक उत्तराखंड में रहेगा भारी बारिश का दौर
मौसम विभाग द्वारा जारी आगामी दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 अगस्त तक प्रदेश में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश रहेगी. 13 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चम्पावत में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. असली चुनौती 14 अगस्त से शुरू होगी, जब राज्य के लगभग सभी जनपदों में अधिकांश स्थानों पर मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा. 14 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है. यह भारी बारिश का सिलसिला 15, 16 और 17 अगस्त को भी जारी रहने का अनुमान जताया गया है, जिसको देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य आपदा प्रतिवादन बल को अलर्ट पर रखा गया है.

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