टनकपुर में सावन उत्सव-2026 की धूम: 10 कर्मठ महिलाओं को ‘नंदा शिखर सम्मान’, श्रीमती गीता धामी ने पर्यावरण और सशक्तिकरण का दिया संदेश
टनकपुर में सावन उत्सव-2026 की धूम: 10 कर्मठ महिलाओं को ‘नंदा शिखर सम्मान’, श्रीमती गीता धामी ने पर्यावरण और सशक्तिकरण का दिया संदेश
टनकपुर (चंपावत)। सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से टनकपुर स्थित मिलन वाटिका में मातृशक्ति को समर्पित भव्य ‘सावन
उत्सव-2026’ का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। लोक-संस्कृति, भक्ति और सामाजिक सरोकारों से सजे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी श्रीमती गीता धामी ने शिरकत की।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 कर्मठ महिलाओं को ‘नंदा शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया गया, जबकि “एक पौधा, प्रकृति के नाम” मुहिम के तहत चंदन का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।
“महिलाएँ संस्कृति, खेत और आजीविका की मुख्य धुरी”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती गीता धामी ने कहा कि हमारी मातृशक्ति केवल घर-चौखट तक सीमित नहीं है, बल्कि वे हमारी संस्कृति, खेत और आजीविका की मुख्य धुरी हैं। उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘नंदा गौरा योजना’ से बेटियों की शिक्षा सुनिश्चित हो रही है, वहीं ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ और ‘लखपति दीदी’ जैसी पहलों से महिलाएँ सफल उद्यमी बनकर आत्मनिर्भर हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि ऐपण कला, हस्तशिल्प, होमस्टे, कृषि और पशुपालन जैसे क्षेत्रों के माध्यम से महिलाएँ न केवल खुद स्वावलंबी बन रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोज़गार दे रही हैं। सेवा संकल्प फाउंडेशन ने महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास और मार्केटिंग के ज़रिए पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इन 10 प्रतिभाओं को मिला ‘नंदा शिखर सम्मान’
समाज निर्माण और जनसेवा में अतुलनीय योगदान देने के लिए कार्यक्रम के दौरान 10 कर्मठ महिलाओं को ‘नंदा शिखर सम्मान’ प्रदान किया गया:
स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ
शिक्षिकाएँ
आँगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्तियाँ
आपातकालीन सेवा की चिकित्सा टेक्नीशियन
क्षेत्र की प्रथम महिला ई-रिक्शा (टुकटुक) संचालिका
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं ने मोहा मन
उत्सव के दौरान पारंपरिक देवभूमि संस्कृति और आधुनिक उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला:
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: भगवान शिव-पार्वती को समर्पित नृत्य नाटिका, ग्रुप डांस और उत्तराखंड की पारंपरिक लोक-विधाओं ‘सांतूं-आंठू’ (गौरा महेश) तथा ‘झोड़ा-चांचरी’ की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
प्रतियोगिताएं: लोकधूनों पर ‘सुपर ईंजा डांस’ और रैंप वॉक के साथ ‘मिसेज़ सावन क्वीन-2026’ प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण रहीं। विजेताओं को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कारों से नवाजा गया।
सरप्राइज
अवॉर्ड्स: मनोरंजन के लिए ऑन-द-स्पॉट प्रश्नोत्तरी और कई मजेदार खेल आयोजित किए गए।
गरिमापूर्ण उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन कल्पना आर्य ने किया। इस अवसर पर राज्य दर्जा मंत्री हेमा जोशी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष दीपा जोशी, नगर पंचायत बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्पा विश्वकर्मा, जिला पंचायत सदस्य सरोज चन्द, किरन देवी, सुनीता मुरारी, सुनीता यादव, कपि धस्माना, रुकमणी उनियाल, बबीता गोस्वामी, मुन्नी देवी, गीता देवी, हंसा जोशी, विद्या, निशा वर्मा, रीता कलखुड़िया और उर्मिला चन्द सहित भारी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।