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केंद्र और राज्य सरकारें लगातार बालिकाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए योजनाएं चला रही हैं। केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना के साथ-साथ राज्य स्तर पर भी कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाई जा रही नंदा गौरा योजना ऐसी ही एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बालिका के जन्म से लेकर उसकी स्कूली शिक्षा पूरी होने तक आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 दिसंबर, 2025 है।

यह योजना उत्तराखंड की स्थायी निवासी लड़कियों को लाभ पहुंचाती है, जिससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपनी बेटियों की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित कर पाते हैं।

🌸जन्म से शिक्षा तक वित्तीय सहायता

नंदा गौरा योजना दो चरणों में लागू की जाती है। पहले चरण में, बालिका के जन्म के बाद सरकार द्वारा एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जो माता और पुत्री के संयुक्त बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है। यह राशि बच्ची के प्रारंभिक जीवन में उसके स्वास्थ्य और देखभाल के लिए सहायक सिद्ध होती है।

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दूसरे चरण में, बालिका के 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर सहायता प्रदान की जाती है। इस समय, सरकार द्वारा सीधे बैंक खाते में एक बड़ी राशि भेजी जाती है, ताकि उच्च शिक्षा या आगे की पढ़ाई में कोई वित्तीय बाधा न हो।

नंदा गौरा योजना के तहत कितनी राशि प्राप्त होती है?

इस योजना के तहत बालिका के जन्म के समय 11,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। बच्चे के जन्म के छह महीने के भीतर योजना के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके बाद, जब बालिका 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर लेती है, तो सरकार द्वारा 51,000 रुपये की राशि दी जाती है। इस प्रकार, नंदा गौरा योजना के तहत कुल 62,000 रुपये का वित्तीय लाभ प्राप्त होता है।

🌸योजना के पीछे सरकार का उद्देश्य

नंदा गौरा योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में लड़कियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण लाना है। इस योजना के माध्यम से सरकार कन्या भ्रूण हत्या को रोकने, बाल विवाह की समस्या को कम करने और शिक्षा के माध्यम से लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देती है। यह योजना परिवारों को आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करती है, ताकि बेटियां बिना किसी दबाव के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।

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🌸नंदा गौरा योजना से किसे लाभ मिल सकता है?

यह योजना केवल उत्तराखंड की स्थायी निवासी लड़कियों के लिए है। प्रति परिवार अधिकतम दो बेटियां इस योजना के लिए पात्र हैं। बच्चे का जन्म सरकारी या निजी अस्पताल या मान्यता प्राप्त एएनएम केंद्र में होना चाहिए। पारंपरिक दाई की सहायता से घर पर हुए प्रसव इस योजना के अंतर्गत मान्य नहीं हैं।

परिवारों के लिए आय सीमा निर्धारित है और तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र आवश्यक है। यदि बच्चे का जन्म राज्य के बाहर हुआ है, तो आवेदन के समय संबंधित प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा।

🌸नंदा गौरा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया

नंदा गौरा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। आवेदकों को आवेदन करने के लिए उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.nandagaurauk.in/ पर जाना होगा। आवेदन प्रक्रिया के दौरान, बच्चे का नाम, आधार कार्ड, माता-पिता के आधार कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इस योजना के लिए ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते हैं।

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