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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में त्रियुगीनारायण की तर्ज पर राज्य के 25 नए स्थलों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्थलों में सभी मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को सीएम आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि पलायन की समस्या राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन पिछले चार-पांच वर्षों में रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं।

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🌸प्रवासी पंचायतों का करें आयोजन

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्यभर में प्रवासी पंचायतों का आयोजन किया जाए, जिनमें देश एवं विदेश में कार्यरत प्रवासियों को आमंत्रित किया जाए। उन्हें राज्य सरकार की रिवर्स पलायन से जुड़ी पहलों की जानकारी दी जाए और उनके सुझाव भी प्राप्त किए जाएं।

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🌸रिवर्स पलायन की दिशा में उत्साहजनक परिणाम

आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एसएस नेगी ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अब रिवर्स पलायन का रुझान देखने को मिल रहा है। अब तक लगभग 6282 व्यक्ति वापस अपने गांवों में लौटे हैं। इनमें देश के भीतर और विदेशों से लौटे लोग भी शामिल हैं। इसके परिणाम अच्छे आ रहे हैं।

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