Uttrakhand News :उत्तराखंड घूमने आने वाले पर्यटकों को अब मिलेगी सुविधा,जल्द ही शुरू होगी कॉल सेंटर की सुविधा, जहां पर्यटकों को हर तरह की टूरिज्म से जुड़ी जानकारी प्राप्त होगी

ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड घूमने आने वाले पर्यटकों को हो रही कनेक्टिविटी की समस्या को देखते हुए जीएमवीएन की ओर से जल्द ही एक काल सेंटर स्थापित किया जाएगा। सभी काल्स को इस काल सेंटर में ट्रांसफर किया जाएगा, जहां पर्यटकों को हर तरह की जानकारी मिलेगी।

गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउसों में ठहरने वाले पर्यटकों को कई बार पर्यटन स्थल आदि के बारे में कुछ पता नहीं होता है। जब बुकिंग के समय पर्यटक काल करते हैं तो उनको जानकारी पूरी नहीं मिल पाती है। इस वजह से पर्यटकों को मजबूर होकर निजी होटलों या गाइडों का सहारा लेना पड़ता है।

इस वजह से कई बार पर्यटकों का बजट बिगड़ जाता है। लेकिन अब इस समस्या से निजात दिलाने के लिए निगम की ओर से एक काल सेंटर स्थापित किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की बड़ी सौगात: भिंगराड़ा मंदिर सील के सौन्दर्यकरण हेतु अवशेष ₹29.70 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान

💠निजी कंपनी करेगी संचालन

इसका संचालन निजी कंपनी की ओर से किया जाएगा। पर्यटकों को इस काल सेंटर के माध्यम से गेस्ट हाउसों के आसपास के पर्यटन स्थल और उनकी विशेषताओं सहित विभिन्न जानकारी दी जाएगी।

इसमें गेस्ट हाउसों में दी जाने वाली सुविधाओं, यात्रा मार्गों के खुलने और बंद होने, बुकिंग करने की प्रक्रिया आदि जानकारियां सभी भाषाओं में दी जाएगी। इससे पहले उत्तराखंड आने वाले पर्यटक गेस्ट हाउसों में ठहरने के लिए बुकिंग प्रक्रिया की जानकारी निगम में काल करके लेते थे।

निगम के कर्मचारियों को अन्य कार्यों के अतिरिक्त काल पर जानकारी देना होता था। जिसकी वजह से कर्मचारियों पर कार्य का अतिरिक्त बोझ रहता है। कई बार काल पर अन्य भाषा बोलने वाले पर्यटक भी होते हैं। उनकी भाषा की जानकारी न होने पर कर्मचारियों को कठिनाई होती है। इसे देखते हुए जीएमवीएन अब इस काल सेंटर को स्थापित कर रहा है। जहां कई भाषाओं के जानकार पर्यटकों को आसानी से जानकारी दे सकेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  Weather Update:उत्तराखंड में मौसम का 12-13 मई को ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाए

💠एजीएम जीएमवीएन, राकेश सकलानी का कहना है कि-

निगम की ओर से एक काल सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए निजी कंपनी से संपर्क किया जा रहा है। जल्दी ही कंपनी के साथ एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। साथ ही निगम में निवेश के लिए एक कंसलटेंट को नियुक्त कर लिया गया है। जो राज्य में निवेशकों को प्रोत्साहित करेगा।