Uttrakhand News:उत्तराखंड बाढ़: 12 दिनों के सर्च ऑपरेशन के बाद हवलदार पंकज का पार्थिव शरीर बरामद, पिथौरागढ़ में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

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बरेली। उत्तराखंड के तमक नाला में 10 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान लापता हुए 123-आरसीसी के हवलदार पंकज के पार्थिव शरीर को भारतीय सेना के बचाव दल ने 12 दिनों की अथक तलाश के बाद बरामद कर लिया।

बाढ़ की घटना के दौरान हवलदार पंकज ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए साथी यात्रियों की जान बचाने का प्रयास किया। इसी दौरान वह तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए। घटना के बाद भारतीय सेना की मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) टीमों ने उन्हें तलाशने के लिए व्यापक खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया।

जोशीमठ से संचालित सेना के बचाव दलों ने दुर्गम उच्च हिमालयी क्षेत्र, तेज बहाव वाले पानी और प्रतिकूल मौसम की चुनौतियों के बावजूद लगातार 12 दिनों तक अभियान जारी रखा। जवान को तलाश कर उनके परिजनों और साथियों तक वापस पहुंचाना अभियान का सर्वोच्च लक्ष्य रहा।

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सेना के अधिकारियों के अनुसार 22 अगस्त को लगभग तीन बजे भारतीय सेना के बचाव दलों ने हवलदार पंकज के पार्थिव शरीर को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया। इसके साथ ही 12 दिनों से जारी व्यापक खोज अभियान का समापन कर दिया।

उनके साथियों ने अपने उस संकल्प को पूरा किया कि वे अपने किसी भी साथी को पीछे नहीं छोड़ेंगे। बहादुर जवान को पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इसके पश्चात उनके पैतृक स्थान पिथौरागढ़ में श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि समारोह आयोजित किया गया, जहां स्वजन, सैन्य साथियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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हवलदार पंकज ने दूसरों की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की परवाह नहीं की। वहीं, भारतीय सेना के जवानों ने भी उन्हें तलाशने और सम्मानपूर्वक घर पहुंचाने के लिए 12 दिनों तक लगातार अभियान चलाया।

यह घटना भारतीय सेना की उस अटूट भावना को दर्शाती है- ‘हम अपने किसी साथी को पीछे नहीं छोड़ते।’ हवलदार पंकज का साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और बलिदान भारतीय सेना के जवानों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

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