International News:तीन महीने में ही गिरी फ्रांस में बार्नियर की सरकार,राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को देना होगा इस्तीफा

फ्रांस में बुधवार को उस वक्त बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब विपक्षी दलों के सांसदों ने फ्रांस की मिशेल बार्नियर सरकार को गिरा दिया. इस कदम के बाद यूरोपीय यूनियन की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति फ्रांस में अब राजनीतिक संकट गहरा गया है.

अविश्वास मत हारने के बाद फ्रांस की सरकार गिर गई है. फ्रांस में पिछले 60 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी सरकार को इस तरह से हटाया गया है. बता दें कि वामपंथी एनएफपी गठबंधन की ओर से पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में कुल 331 सांसदों ने मतदान किया. जबकि सरकार को गिराने के लिए 288 वोटों की ही जरूरत थी.

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🌸तीन महीने में गिरी सरकार

बता दें कि बार्नियर की सरकार महज तीन महीने ही चल सकी. अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद अब बार्नियर को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा देना होगा.

🌸अल्पमत की सरकार चला रहे थे बार्नियर

बता दें कि फ्रांस में जुलाई में हुए आम चुनावों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था. इसके बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सितंबर में मिशेल बार्नियर के नेतृत्व में अल्पमत की सरकार का ऐलान किया था. जिसके बाद 73 वर्षीय बार्नियर सरकार चला रहे थे.

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🌸क्यों बार्नियर के खिलाफ हुए सांसद

हाल ही में उनकी तरफ से लाए गए सामाजिक सुरक्षा बजट को लेकर फ्रांस में तनाव बढ़ा. उन्होंने इस बजट में टैक्स को बढ़ाने का निर्णय लिया था. उनके इस फैसले का देश की वामपंथी और दक्षिणपंथी पार्टियों ने विरोध किया और इन कटौतियों को कम करने की मांग की. लेकिन बार्नियर की सरकार ने बजट पर इन कदमों को बिना वोटिंग के ही पास कराने का फैसला किया. इसका भी विपक्षी दलों ने विरोध किया. इसके बाद विपक्षी दलों ने बार्नियर की सरकार के खिलाफ बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान किया.