देवभूमि में सड़कों और रोपवे का महाअभियान: केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने की समीक्षा, दिए समयबद्धता के निर्देश

देवभूमि में सड़कों और रोपवे का महाअभियान: केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने की समीक्षा, दिए समयबद्धता के निर्देश

 

 

केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने BRO मुख्यालय में अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक

 

 

 

कुंभ और चारधाम यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष बल

 

 

 

 

देहरादून। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने देहरादून स्थित सीमा सड़क संगठन (BRO) मुख्यालय, प्रोजेक्ट शिवालिक (लाल टप्पर) में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम (NHIDCL), लोक निर्माण विभाग-राष्ट्रीय राजमार्ग (PWD NH) तथा सीमा सड़क संगठन (BRO) के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं (संवेदकों) के साथ गढ़वाल क्षेत्र में निर्माधीन एवं प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया।

 

 

 

 

केंद्रीय राज्य मंत्री ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएँ। उन्होंने बल देकर कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। अजय टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड में सड़क एवं परिवहन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य निरंतर जारी है।

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कुंभ की तैयारियाँ: एक्सप्रेसवे लिंक और बाईपास का निर्माण अंतिम चरण में

  • दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से हरिद्वार लिंक: ₹2,095.20 करोड़ की लागत से निर्मित हो रहे 50.7 किलोमीटर लंबे छह-लेन मार्ग का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। यह मार्ग दिल्ली और देहरादून की दिशा से आने वाले यात्रियों को हरिद्वार पहुँचने के लिए सुगम कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे शहर के भीतर यातायात का दबाव घटेगा और कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं का आवागमन आसान होगा।
  • हरिद्वार बाईपास: ₹1,558.03 करोड़ की लागत से बन रहे 15 किलोमीटर लंबे हरिद्वार बाईपास का निर्माण कार्य भी समापन के करीब है।
  • अन्य परियोजनाएँ: मुज़फ़्फ़रनगर-हरिद्वार मार्ग के प्रमुख मंगलौर जंक्शन तथा हरिद्वार-नगीना राष्ट्रीय राजमार्ग सहित विभिन्न सड़क सुरक्षा परियोजनाओं पर भी तेज़ी से काम चल रहा है।

 

 

 

 

चारधाम मार्ग सुदृढ़ीकरण एवं भूस्खलन रोकथाम

  • चारधाम परियोजना: ₹12,769 करोड़ की कुल लागत से 889 किलोमीटर कुल लंबाई के 53 राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यों पर कार्य चल रहा है। इनमें से 582 किलोमीटर लंबाई वाले 34 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 10 कार्य प्रगति पर हैं।
  • भूस्खलन उपचार: पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन के खतरे को न्यूनतम करने के लिए ₹4,266.89 करोड़ की लागत से 297 भूस्खलन उपचार कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 132 उपचार कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
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ऋषिकेश और श्रीनगर बाईपास

  • ₹1,105.79 करोड़ की लागत से बनने वाले 12.67 किलोमीटर लंबे चार-लेन ऋषिकेश बाईपास की निविदा (टेंडर) प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।
  • श्रीनगर बाईपास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने एवं परियोजना प्रबंधन के लिए ₹19.5 करोड़ की लागत से प्रारंभिक कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए आधुनिक रोपवे

  • सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे: ₹4,081.28 करोड़ की लागत से बनने वाला यह 12.9 किलोमीटर लंबा रोपवे प्रतिदिन लगभग 18,000 यात्रियों को ले जाने की क्षमता के साथ नियोजित है। इसके चालू होने से केदारनाथ की कठिन पैदल यात्रा का समय घंटों से घटकर मात्र 36 मिनट रह जाएगा।
  • गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे: ₹2,730.13 करोड़ की लागत से स्वीकृत 12.4 किलोमीटर लंबा रोपवे प्रतिदिन लगभग 11,000 श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा।

 

 

 

 

केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि केंद्र एवं राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के अंतर्गत उत्तराखंड का समग्र विकास प्राथमिकता है। आधुनिक सड़कें, सुरक्षित पर्वतीय मार्ग और अत्याधुनिक रोपवे कनेक्टिविटी न केवल श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की यात्रा को सुगम बनाएँगे, बल्कि स्थानीय निवासियों के जनजीवन को आसान बनाने और प्रदेश में पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने में सहायक सिद्ध होंगे।

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