खत्याड़ी पेयजल योजना का विरोध: चौमू के ग्रामीणों ने रोका संयुक्त निरीक्षण, उच्चस्तरीय जांच की मांग
खत्याड़ी पेयजल योजना का विरोध: चौमू के ग्रामीणों ने रोका संयुक्त निरीक्षण, उच्चस्तरीय जांच की मांग
अल्मोड़ा खत्याड़ी पेयजल पंपिंग योजना के तहत प्रस्तावित सड़क और पंप हाउस पहुंच मार्ग को लेकर ग्राम सभा चौमू के ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा है। मंगलवार को वन विभाग, राजस्व विभाग और जल संस्थान की संयुक्त टीम जब स्थल निरीक्षण के लिए पहुंची, तो स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध दर्ज कराते हुए निरीक्षण की कार्रवाई रोक दी। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना निष्पक्ष जांच और उनकी आपत्तियों के निस्तारण के योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
आवास, खेती और आजीविका पर संकट की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि खत्याड़ी पेयजल पंपिंग योजना ग्राम सभा चौमू के बीचों-बीच सड़क किनारे से गुजर रही है। यदि योजना का निर्माण वर्तमान प्रस्तावित स्वरूप में होता है, तो सड़क किनारे स्थित आवासीय मकानों, कृषि भूमि और भविष्य में होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। ग्रामीणों ने साफ किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ग्रामीणों के हितों की बलि देकर विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जांच के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
मामले में पूर्व में भी कई बार संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। गत 10 सितंबर को भी जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर योजना की तकनीकी और नियमानुसार जांच की मांग की गई थी। हालांकि, जिलाधिकारी द्वारा यूपीसीएल को जांच के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
खत्याड़ी पेयजल पंपिंग योजना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
योजना निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों और नियमों के पालन की जांच हो।
सड़क किनारे स्थित ग्रामीणों के मकानों, खेती और आजीविका पर पड़ने वाले असर का सही आकलन किया जाए।
आपत्तियों का समाधान होने तक योजना से जुड़ी सभी अग्रिम कार्रवाइयों पर रोक लगाई जाए।
प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद
सरपंच अशोक सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में उप प्रधान प्रतिनिधि महेश राणा, पूरन राणा, गोपाल सिंह पवार, त्रिलोक सिंह पवार, गोविंद सिंह राणा, दीवान पवार, दीवान राम, देवेंद्र कुमार, बिमला राणा, गोविंद सिंह कनवाल, चंदन सिंह बिष्ट, गौरव सिंह और मोंटी पवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी से मिलेगा ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल
आंदोलनरत ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं और मांग पत्र सौंपेगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक योजना की निष्पक्ष जांच नहीं होती और स्थानीय निवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेंगे।
