Almora News :पूर्व दर्जा मंत्री कर्नाटक ने देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी के साथ हरिद्वार लोकसभा चुनाव की समीक्षा करने के साथ अल्मोड़ा की जनसमस्याओं से भी पूर्व मुख्यमंत्री को कराया अवगत

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अल्मोड़ा-उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर हरिद्वार लोकसभा चुनाव की समीक्षा कर उस पर गहन चिंतन मंथन किया, इससे पूर्व श्री कर्नाटक द्वारा हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के साथ बूथ स्तर पर बैठक कर लोकसभा चुनाव की समीक्षा की गई। 

इसके अतिरिक्त श्री कर्नाटक ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को अल्मोड़ा की जन समस्याओं से अवगत कराते हुए बताया कि अल्मोड़ा की रानीधारा सड़क लगातार लोगों के लिए जी का जंजाल बनी हुई है,लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं, लेकिन सड़क सुधारीकरण की कोई भी कार्रवाई अभी तक अमल में नहीं लाई गई है,साथ ही गैस गोदाम लिंक मोटर मार्ग एवं  एन.टी.डी. धारकीतूनी संपर्क मार्ग की दुर्दशा के बारे में उन्हें अवगत कराया ।

श्री कर्नाटक ने अल्मोड़ा की लगातार बिगड़ रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी साझा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को बताया कि अल्मोड़ा के अस्पताल मेडिकल कॉलेज ,जिला चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय  मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं।मेडिकल कॉलेज से लगातार प्रत्येक दिन दर्जनों की संख्या में लोग मैदानी जिलों के अस्पतालों को रेफर किये जा रहे हैं और हैरान करने वाली बात है कि रेफर किए गए मरीजों के लिए एंबुलेंस तक की व्यवस्था मरीजों के तिमारदारों को ही करनी पड़ती है। 

उन्होंने यह बताया कि अल्मोड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ 108 सेवा भी लंबे समय से बीमार पड़ी हुई है,साथ ही बरसात और गर्मी के मौसम में बैराज बनने के बाद भी अल्मोड़ा की जनता प्यासी रहने को मजबूर है, छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं लगातार नौलों में  लाइन लगा कर पानी भरने को विवश हैं,जिस कारण जनता त्राहि त्राहि कर रही है। श्री कर्नाटक ने उन्हें बताया कि उनके कार्यकाल में बना अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा आज सफेद हाथी बना हुआ है,कहने को तो अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा बन गया लेकिन इसका संचालन वर्षों बाद भी आज तक नहीं हो पाया है।साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि अल्मोड़ा में ड्रेनेज सिस्टम बदहाल अवस्था में है।करोड़ों की कीमत से बन रहे नालों का कार्य आज तक अधर में लटका हुआ है जिस कारण जनता बरसात के दिनों में रात्रि को दहशत के साए में सो रही है। 

इसके अतिरिक्त श्री कर्नाटक ने उन्हें इस तथ्य से भी अवगत कराया  कि मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप जो सड़के स्वीकृत हुई थी वह सड़के आज भी बंजर खेत बनी पड़ी है।सड़कों को बनाने की दिशा में कोई भी कार्य आज तक नहीं किया गया है। अल्मोड़ा विधानसभा में लोक निर्माण विभाग की जितनी भी सड़के हैं सभी को सुधार की आवश्यकता है।अनेक दुर्घटना से संभावित स्थान ऐसे हैं जहां क्रश बैरियर नहीं है जिससे वहां गिरने से लोग लगातार काल का ग्रास बन रहे हैं । 

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श्री कर्नाटक ने बताया कि वर्षांत से पहले जंगलों में भीषण आग लगी,लेकिन वन विभाग के पास आग बुझाने के लिए न आवश्यक उपकरण थे और न ही अधिकारियों ने इसमें कोई गंभीरता दिखाई जिसके कारण जंगल तो जलते ही रहे उसमें इंसान भी जल कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर गए,आधा दर्जन से अधिक परिवारों में आज शोक की लहर है।उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से कहा कि जिस उद्देश्य को लेकर हमने उत्तराखंड बनाया था आज वह उद्देश्य धूमिल होता जा रहा है। आज आवश्यकता है उत्तराखंड के जल,जंगल और जमीन को बचाने  की तथा अल्मोड़ा की स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने की। उन्होंने कहा कि क्या करेंगे ऐसे अस्पतालों का जहां अरबों की मात्रा में रुपए तो खर्च हो रहे हैं लेकिन लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है।इसके साथ ही उन्होंने अल्मोड़ा की छोटी-छोटी समस्याओं पर उनका ध्यान केंद्रित किया और लिखित रूप में इन समस्याओं का एक पुलिंदा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को सौंपा और आशा की कि वे सूबे के मुख्यमंत्री से इस संबंध में वार्ता कर अल्मोड़ा की जन समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करेंगे और उनका यह प्रयास निश्चित रूप से सफल होगा।अल्मोड़ा-उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर हरिद्वार लोकसभा चुनाव की समीक्षा कर उस पर गहन चिंतन मंथन किया, इससे पूर्व श्री कर्नाटक द्वारा हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के साथ बूथ स्तर पर बैठक कर लोकसभा चुनाव की समीक्षा की गई।
इसके अतिरिक्त श्री कर्नाटक ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को अल्मोड़ा की जन समस्याओं से अवगत कराते हुए बताया कि अल्मोड़ा की रानीधारा सड़क लगातार लोगों के लिए जी का जंजाल बनी हुई है,लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं, लेकिन सड़क सुधारीकरण की कोई भी कार्रवाई अभी तक अमल में नहीं लाई गई है,साथ ही गैस गोदाम लिंक मोटर मार्ग एवं एन.टी.डी. धारकीतूनी संपर्क मार्ग की दुर्दशा के बारे में उन्हें अवगत कराया ।
श्री कर्नाटक ने अल्मोड़ा की लगातार बिगड़ रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी साझा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को बताया कि अल्मोड़ा के अस्पताल मेडिकल कॉलेज ,जिला चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं।मेडिकल कॉलेज से लगातार प्रत्येक दिन दर्जनों की संख्या में लोग मैदानी जिलों के अस्पतालों को रेफर किये जा रहे हैं और हैरान करने वाली बात है कि रेफर किए गए मरीजों के लिए एंबुलेंस तक की व्यवस्था मरीजों के तिमारदारों को ही करनी पड़ती है।
उन्होंने यह बताया कि अल्मोड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ 108 सेवा भी लंबे समय से बीमार पड़ी हुई है,साथ ही बरसात और गर्मी के मौसम में बैराज बनने के बाद भी अल्मोड़ा की जनता प्यासी रहने को मजबूर है, छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं लगातार नौलों में लाइन लगा कर पानी भरने को विवश हैं,जिस कारण जनता त्राहि त्राहि कर रही है। श्री कर्नाटक ने उन्हें बताया कि उनके कार्यकाल में बना अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा आज सफेद हाथी बना हुआ है,कहने को तो अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा बन गया लेकिन इसका संचालन वर्षों बाद भी आज तक नहीं हो पाया है।साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि अल्मोड़ा में ड्रेनेज सिस्टम बदहाल अवस्था में है।करोड़ों की कीमत से बन रहे नालों का कार्य आज तक अधर में लटका हुआ है जिस कारण जनता बरसात के दिनों में रात्रि को दहशत के साए में सो रही है।
इसके अतिरिक्त श्री कर्नाटक ने उन्हें इस तथ्य से भी अवगत कराया कि मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप जो सड़के स्वीकृत हुई थी वह सड़के आज भी बंजर खेत बनी पड़ी है।सड़कों को बनाने की दिशा में कोई भी कार्य आज तक नहीं किया गया है। अल्मोड़ा विधानसभा में लोक निर्माण विभाग की जितनी भी सड़के हैं सभी को सुधार की आवश्यकता है।अनेक दुर्घटना से संभावित स्थान ऐसे हैं जहां क्रश बैरियर नहीं है जिससे वहां गिरने से लोग लगातार काल का ग्रास बन रहे हैं ।
श्री कर्नाटक ने बताया कि वर्षांत से पहले जंगलों में भीषण आग लगी,लेकिन वन विभाग के पास आग बुझाने के लिए न आवश्यक उपकरण थे और न ही अधिकारियों ने इसमें कोई गंभीरता दिखाई जिसके कारण जंगल तो जलते ही रहे उसमें इंसान भी जल कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर गए,आधा दर्जन से अधिक परिवारों में आज शोक की लहर है।उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से कहा कि जिस उद्देश्य को लेकर हमने उत्तराखंड बनाया था आज वह उद्देश्य धूमिल होता जा रहा है। आज आवश्यकता है उत्तराखंड के जल,जंगल और जमीन को बचाने की तथा अल्मोड़ा की स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने की। उन्होंने कहा कि क्या करेंगे ऐसे अस्पतालों का जहां अरबों की मात्रा में रुपए तो खर्च हो रहे हैं लेकिन लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है।इसके साथ ही उन्होंने अल्मोड़ा की छोटी-छोटी समस्याओं पर उनका ध्यान केंद्रित किया और लिखित रूप में इन समस्याओं का एक पुलिंदा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को सौंपा और आशा की कि वे सूबे के मुख्यमंत्री से इस संबंध में वार्ता कर अल्मोड़ा की जन समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करेंगे और उनका यह प्रयास निश्चित रूप से सफल होगा।

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