Almora News:एसएसजे विवि के हॉस्टल में सुविधा के नाम पर खिड़कियों के टूटे हुए कांच और ना ही प्राप्त पेयजल सुविधा

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सोबन सिंह जीना परिसर में छात्र जर्जर छात्रावास में रहने के लिए मजबूर हैं। कुर्मांचल छात्रावास का हाल यह है कि कमरों के दरवाजे और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हैं। छात्रों ने खिड़कियों में शीशे न होने के कारण गत्ते लगा रखे हैं।इतना ही नहीं छात्रावास की छत जर्जर होने की वजह से बारिश का पानी कमरों में टपकता रहता है वहीं दूसरी ओर छात्रों को छात्रावास में पीने के लिए शुद्ध पेयजल तक मयस्सर नहीं है।

🔹भवन की दीवारों पर घास उगी हुई

बृहस्पतिवार को संवाद टीम ने एसएसजे परिसर के कुर्मांचल छात्रावास की पड़ताल की। सुबह दस बजे टीम छात्रावास पहुंची। तो देखा कि छात्रावास भवन की दीवारों पर घास उगी हुई है। अधिकतर कमरों की छत जर्जर हो चुकी है, जिससे हल्की बारिश में भी पानी टपकने लगता है। कमरों की खिड़कियों के शीशे ही नहीं हैं। छात्रों ने अखबार और किताबों के गत्तों से खिड़कियों को बंद रखा है। वहीं कई छात्र प्राकृतिक जल स्रोत से पीने के लिए पानी ढोते मिले।

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🔹पढ़ाई भी हो रही प्रभावित 

छात्रों ने बताया कि लंबे समय से छात्रावास में पेयजल संकट बना हुआ है और उन्हें पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। ऐसे में उन्हें प्राकृतिक जल स्रोत की दौड़ लगाना मजबूरी है। ऐसे हालात में उनके लिए यहां रहना कठिन हो गया है। छात्रावास की समस्याओं के चलते उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। 

🔹शौचालय भी बदहाल

छात्रावास में 70 से अधिक छात्र रहते हैं। लेकिन उनके लिए यहां बने शौचालयों की हालत दयनीय है। अधिकतर शौचालयों की खिड़कियों में लगी जाली क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिन्हें ठीक नहीं किया गया। छात्रावास की सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

🔹छात्रावास के पास 25 करोड़ रुपये से बन रहा है प्रशासनिक भवन

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कुर्मांचल छात्रावास के पास 25 करोड़ रुपये से एसएसजे विवि के प्रशासनिक भवन का निर्माण हो रहा है। लेकिन छात्रावास के जर्जर भवन पर किसी की नजर नहीं पड़ी। परिसर प्रबंधन के मुताबिक छात्रावास के रखरखाव और अन्य आवश्यकताओं के लिए कोई मद स्वीकृत नहीं है। छात्रों से लिए जाने वाले सात हजार रुपये शुल्क से ही जरूरी आवश्यकताओं की पूर्ति होती है। इधर हैरानी की बात यह है कि छात्रों से फीस तो बराबर ली जा रही है लेकिन उनकी आवश्यकताओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

छात्रावास के लिए कोई भी मद स्वीकृत नहीं है। विद्यार्थियों की फीस से ही छात्रावास कर्मियों का वेतन और अन्य आवश्यकताओं को पूरा किया जाता है। विवि प्रशासन को छात्रों की समस्याओं से अवगत कराया गया है – डॉ. डीएस धामी, छात्रावास अधीक्षक, कुर्मांचल छात्रावास, एसएसजे परिसर