# उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला: अगले 3 दिनों तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन का खतरा
# उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला: अगले 3 दिनों तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन का खतरा
# देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में अति भारी बारिश की चेतावनी; प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
**देहरादून:** उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के साथ ही मौसम विभाग ने राज्य में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार, राज्य के मैदानी और पर्वतीय दोनों ही क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
## ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने **देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर** जिलों में **ऑरेंज अलर्ट** जारी करते हुए कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश और तीव्र बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।
वहीं, **टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़** समेत अन्य जिलों के लिए **येलो अलर्ट** जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं।
#नदी-नालों के उफान और भूस्खलन की आशंका
लगातार हो रही बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टानें खिसकने का खतरा काफी बढ़ गया है।
* **नदी-नाले उफान पर:** बारिश के कारण मुख्य नदियों और स्थानीय नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है।
*रास्ते बंद होने का खतरा:** संवेदनशील पहाड़ी रास्तों और राजमार्गों पर मलबे के कारण आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
**प्रशासन की चेतावनी:** मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन ने आम जनता व यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं और संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
## राजधानी में बदला मौसम, शाम की बारिश से मिली राहत
देहरादून और आसपास के इलाकों में बीते शाम हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और जलभराव या आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।