*अल्मोड़ा में धर्म जागरण शोभायात्रा की धूम: ‘निस्वार्थ सेवा और माता-पिता का आदर ही सच्ची ईश्वर भक्ति’ — महात्मा सत्यबोधानंद*

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अल्मोड़ा में धर्म जागरण शोभायात्रा की धूम: ‘निस्वार्थ सेवा और माता-पिता का आदर ही सच्ची ईश्वर भक्ति’ — महात्मा सत्यबोधानंद

अल्मोड़ा, 12 जुलाई। मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वाधान में आज शहर में भव्य धर्म जागरण शोभायात्रा और सत्संग समारोह का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में उमड़े जनसैलाब ने सामाजिक सद्भाव और सनातन संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी।

भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक रंग
कार्यक्रम का शुभारंभ धारानौला स्थित हंस ज्ञान आश्रम से हुआ, जहाँ से धर्म जागरण एवं सामाजिक सद्भाव यात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा के मुख्य आकर्षण  मनमोहक झांकियां के साथ छोटे-छोटे बच्चों ने शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण और राम-लक्ष्मण-सीता-हनुमान के रूप में अत्यंत सजीव और मनमोहक वेष धारण किए थे।
पारंपरिक कलश यात्रा:महिलाएं अपने पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण कर मंगल गान करते हुए चल रही थीं।

कुमाऊंनी संस्कृति की गूंज: ढोल-दमाऊं की थाप पर थिरकते छोलिया नर्तक इस भव्य शोभायात्रा की अगवानी कर रहे थे, जिसने पूरे माहौल को सांस्कृतिक रंग में सराबोर कर दिया।
### रामलीला मैदान में संत समागम और अमृत वचन
शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए रामलीला मैदान पहुंची, जहां वह विशाल संत समागम में तब्दील हो गई।

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समारोह के मुख्य वक्ता महात्मा सत्यबोधानंद ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा: “भगवान को प्राप्त करने के लिए आत्मा का निर्मल होना पहली शर्त है। आत्मा की शुद्धि, सच्ची श्रद्धा और अटूट आस्था से ही ईश्वर की अनुभूति संभव है। निस्वार्थ भाव से प्राणी मात्र की सेवा करना ही भगवान प्राप्ति का सबसे बड़ा साधन है।”
उन्होंने सनातन परंपरा का हवाला देते हुए आगे कहा कि हमारे शास्त्रों में माता-पिता को इस संसार का ‘जागृत भगवान’ माना गया है, इसलिए माता-पिता और पितरों की सेवा से बढ़कर दुनिया में कोई दूसरा धर्म नहीं है।

संस्कृति और धर्म के संरक्षण पर जोर
समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे *मेयर अजय वर्मा* ने कहा कि सनातन धर्म हमें हमेशा सामाजिक सद्भाव, प्राणी मात्र के कल्याण और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (पूरी धरती ही हमारा परिवार है) की शिक्षा देता है। उन्होंने आह्वान किया कि अपनी समृद्ध धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।
वहीं, विशिष्ट अतिथि व होटल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पूरन सिंह अधिकारी ने नई पीढ़ी में संस्कृति, उच्च संस्कार और धार्मिक शिक्षाओं के अनुकरण पर विशेष जोर दिया।

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प्रमुख लोग रहे मौजूद
इस सफल कार्यक्रम का संचालन भुवन चंद्र पांडे द्वारा किया गया। समारोह के अंत में महात्मा करुणा बाई और महात्मा मातंगी बाई ने कार्यक्रम में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं व अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस धार्मिक महाकुंभ में सभासद संजय जोशी, हाइजैक मंडल के प्रकाश पांडे, लक्ष्मण सिंह अधिकारी, आनंद अधिकारी सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता और श्रद्धालु मौजूद रहे।

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