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अल्मोड़ा में माँ नंदा देवी मेले की तैयारियां तेज: मूर्ति निर्माण के लिए केले के वृक्षों का हुआ चयन

 

अल्मोड़ा।* उत्तराखंड की लोक संस्कृति और अगाध आस्था के प्रतीक ऐतिहासिक माँ नंदा देवी मेले की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। आगामी सितंबर माह में आयोजित होने वाले इस भव्य धार्मिक उत्सव के लिए नंदा देवी मंदिर समिति ने पारंपरिक रूप से कमर कस ली है। इसी सिलसिले में रविवार को मां नंदा-सुनंदा की भव्य मूर्तियों के निर्माण के लिए उपयुक्त केले के वृक्षों का चयन पूरी विधि-विधान के साथ कर लिया गया है।
विधि-विधान से हुआ वृक्षों का चयन
मेले की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मंदिर समिति के पदाधिकारी लक्ष्मेश्वर के समीप, खूंटकुणी भैरव मंदिर के पास स्थित मनीष पाठक के आवास पहुंचे। यहाँ समिति के सदस्यों ने बारीकी से निरीक्षण करने के बाद मूर्तियों के आकार और पवित्रता के अनुकूल केले के वृक्षों को चिन्हित किया।

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मेले का मुख्य कार्यक्रम शिड्यूल:
17 सितंबर (शाम): मंदिर समिति द्वारा चयनित केले के पेड़ों को पारंपरिक रूप से ‘निमंत्रण’ दिया जाएगा।
18 सितंबर (सुबह):पूर्ण विधि-विधान और भव्य शोभायात्रा के साथ इन वृक्षों को नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा, जिसके बाद मूर्ति निर्माण का कार्य शुरू होगा।

 

 

केले के वृक्षों का विशेष महत्व
उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपरा के अनुसार, माँ नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं का निर्माण केवल केले के वृक्षों से ही किया जाता है। इसका बेहद खास धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मेले के सफल और भव्य आयोजन के लिए सभी तैयारियां चरणबद्ध तरीके से की जा रही हैं। पूजा-अर्चना, भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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देश-विदेश से जुटेंगे श्रद्धालु
हर वर्ष की तरह इस बार भी अल्मोड़ा के इस ऐतिहासिक मेले में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों और प्रवासियों के पहुँचने की उम्मीद है। मंदिर समिति ने क्षेत्र की जनता और व्यापारियों से मेले को सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए सहयोग की अपील की है।

 

इस मौके पर ये रहे उपस्थित
वृक्ष चयन के इस मांगलिक अवसर पर मेला समिति के मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट चीमा, व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, पार्षद अमित साह, पार्षद अभिषेक जोशी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल समेत सी.पी. वर्मा, पंडित तारा दत्त जोशी, रवि कन्नौजिया, श्वेता उपाध्याय टगनिया, हेमलता पांडे, निर्मला पांडे और मनीष पाठक सहित कई गणमान्य पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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