# उत्तराखंड देवभूमि में घूमने आने वाले कुछ असमाजिक पर्यटकों की दबंगई
# उत्तराखंड देवभूमि में घूमने आने वाले कुछ असमाजिक पर्यटकों की दबंगई थमने का नाम नहीं ले रही है। अब पर्यटकों ने चलाये डंडे ताजा मामला ऋषिकेश के निकट तपोवन के नीर वाटर फॉल का है। जहां उत्तर प्रदेश से आए कुछ रसूखदार पर्यटकों ने महज़ टिकट के पैसों को लेकर स्थानीय समिति के कर्मचारियों पर जानलेवा हमला कर दिया।
गाड़ी पर लगे पुलिस स्टीकर के रौब में चूर इन पर्यटकों ने नियम मानने से साफ इनकार कर दिया और जब उन्हें रोका गया, तो उन्होंने लाठी-डंडों और पत्थरों से कर्मचारियों को लहूलुहान कर दिया। पुलिस के मुताबिक उत्तर प्रदेश के नंबर वाली दो कार नीर झरने के पास आकर रुकी, जिस पर पुलिस का स्टीकर चस्पा था।
जब काउंटर पर मौजूद कर्मचारी गिरिवर सिंह, विक्रम सिंह प्यार सिंह व सुशील कैंतुरा ने एंट्री फीस मांगी, तो कार सवार पर्यटक भड़क गए। उन्होंने खुद को पुलिस से जुड़ा बताकर रौब दिखाया और बिना पैसे दिए अंदर जाने की जिद करने लगे। जब कर्मचारियों ने कानून और नियम का हवाला दिया, तो पर्यटकों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। गाड़ी से लाठी-डंडे निकालकर उन्होंने कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस बर्बरता में बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया। इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित सुशील कैंतुरा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी पर्यटक आदेश निवासी खतौली, सत्यप्रकाश और लोकेश कुमार निवासी गाजियाबाद के खिलाफ सख्त धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि निजी गाड़ी पर पुलिस का स्टीकर किस अधिकार से लगाया गया था।
नीर वाटर फॉल समिति के अनुसार, इस समय पीक सीजन होने के कारण रोजाना 3 हजार से ज्यादा पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। यह झरना स्थानीय ग्रामीणों के रोजगार का मुख्य जरिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पर्यटकों का स्वागत देवतुल्य मानकर करते हैं, लेकिन अतिथि के रूप में आने वाले कुछ हुड़दंगियों की यह गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से पर्यटन स्थलों पर सख्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है।