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उत्तराखंड की आबादी में डेढ़ दशक में 26 फीसदी का इजाफा हो गया है। इसी अवधि में परिवारों की संख्या 40 प्रतिशत जबकि मकान 33 फीसदी बढ़ चुके हैं। राज्य में रविवार को संपन्न हुई भवन गणना के दौरान यह आंकड़े सामने आए हैं।

जनगणना निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार, राज्य की जनसंख्या 1.27 करोड़ के पार पहुंच गई है जबकि कुल परिवारों की संख्या 28.3 लाख हो गई है। प्रदेश में मकानों की कुल संख्या 45 लाख दर्ज की गई है। इस बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देहरादून में उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मतदाताओं से बीएलओ को सहयोग देने व अपना नया फोटो उपलब्ध कराने की अपील की।

बीजापुर स्थित राज्य अतिथि गृह में हुई बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य अनुपस्थित, मृत, शिफ्ट हो चुके, दो जगह नाम वाले और विदेशी मतदाताओं को चिन्हित कर वोटर लिस्ट काे शुद्ध करना है। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राज्य के संबंध में बैठक में प्रस्तुतीकरण दिया।

🌸प्री-एसआईआर फेज में 89% मैपिंग पूरी

पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रदेश में प्री-एसआईआर फेज में 89% मैपिंग की जा चुकी है। साथ ही बताया कि गणना प्रपत्रों के प्रिंटिंग की तैयारी है। डीईओ, डिप्टी डीईओ, ईआरओ की प्रथम चरण की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। बीएलओ और अन्य फील्ड स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईआरओ को सियासी दलों के साथ हर हफ्ते बैठक करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन भी मौजूद रहे।

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🌸रियल एस्टेट में उछाल से बढ़ी भवन संख्या

2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य में मकानों की कुल संख्या लगभग 33.8 लाख थी। अब यह संख्या बढ़कर 45 लाख हो गई है। पिछले डेढ़ दशक में राज्य में लगभग 11.2 लाख नए मकानों का निर्माण हुआ है। यह आंकड़ा राज्य में तेजी से हुए बुनियादी ढांचे के विकास, नए कॉलोनियों के बसने और रियल एस्टेट सेक्टर में आए उछाल को दर्शाता है।

🌸1.27 करोड़ वर्तमान जनसंख्या

2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तराखंड की कुल आबादी लगभग 1.01 करोड़ थी। वर्तमान में राज्य की जनसंख्या बढ़कर 1.27 करोड़ हो चुक है। इस तरह बीते 15 वर्षों में प्रदेश की आबादी में करीब 26 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह वृद्धि दर्शाती है कि राज्य में खासकर मैदानी और शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या का दबाव तेजी से बढ़ा है।

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🌸2.83 लाख परिवारों की संख्या

एकल परिवारों के बढ़ते चलन से परिवारों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ है। 2011 की जनगणना में राज्य में करीब 20 लाख परिवार थे। यह संख्या अब बढ़कर 28.3 लाख हो गई है। इस तरह 8.18 लाख नए परिवार अस्तित्व में आ चुके हैं। इससे संकेत मिलता है कि प्रदेश में संयुक्त परिवार की अवधारणा कमजोर हो रही है।

🌸32 हजार से अधिक कार्मिक भवन गणना में जुटे

उत्तराखंड में भवन गणना 24 अप्रैल को शुरू हुई थी। बीते एक माह में 32 हजार से अधिक कार्मिकों ने एक-एक घर का सर्वे किया। जनगणना निदेशालय ने भवन गणना की दृष्टि से राज्य को 29 हजार हिस्सों में बांटा था और सभी जगह गणना पूरी हो गई है।

जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि राज्य में भवन गणना पूरी हो गई है। एक महीने चले अभियान में हर घर का सर्वे कर जानकारी जुटाई गई। इसके आधार पर यह डेटा सामने आया है। अब जनगणना शुरू होगी। अंतिम आंकड़े केंद्र सरकार की ओर से जारी किए जाएंगे।

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